दैनिक भास्कर हिंदी: रहस्यात्मक वन, यहां आज भी रासलीला रचाने राधा संग आते हैं कन्हैया

August 9th, 2017

डिजिटल डेस्क, वृंदावन। युग बदल गए लेकिन रहस्यों से पर्दा अब तक नहीं उठ सका। भारत में ऐसी अनेक जगहें हैं जिनके बारे में जानकर भगवान की रची लीलाओं पर आश्चर्य होने लगता है। एक ऐसा ही स्थान है वृंदावन स्थित निधिवन। कहा जाता है कि यहां लगे तुलसी के पेड़ साक्षात गोपियां जो हर रात्रि कन्हैया के साथ रासलीला रचती हैं। यहां दिन में रहने वाले पशु.पक्षी भी संध्या होते ही निधि वन को छोड़कर चले जाते है। संध्या आरती के बाद मंदिर को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, ताकि यहां कोई प्रवेश न कर सके...

खाया हुआ पान
निधि वन के अंदर ही रंग महल है। इसे लेकर मान्यता है कि रोज़ रात यहां राधा कृष्ण आते है।  रंगमहल में भक्त केवल श्रृंगार का सामान ही चढ़ाते है और प्रसाद स्वरुप उन्हें भी श्रृंगार का सामान मिलता है। यहां राधा और कान्हा के लिए रखे चंदन के पलंग को शाम से पहले सजा दिया जाता है। पलंग के बगल में एक लोटा पानीए राधाजी के श्रृंगार का सामान और दातुन संग पान रख दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आज भी जब सुबह 5 बजे जब रंग महल का पट खुलता है तो बिस्तर अस्त.व्यस्तए लोटे का पानी खालीए दातुन कुची हुई और पान खाया हुआ मिलता है।

जमीन की ओर बढ़ती हैं शाखाएं
निधि वन के पेड़ भी अजीब हैं यहां पेड़ों की शाखाएं नीचे की ओर बढ़ती है।  जिसकी वजह से रास्ता बनाने इन पेड़ों की शाखाओं को डंडे के सहारे रोका गया है।  

तुलसी के पेड़ और गोपियां
निधि वन की एक अन्य खासियत यहां के तुलसी के पेड़ है।  निधि वन में तुलसी का हर पेड़ जोड़े में है। इसके पीछे यह मान्यता है कि जब राधा संग कृष्ण वन में रास रचाते हैं तब यही जोड़ी दार पेड़ गोपियां बन जाती हैं। जैसे ही सुबह होती है तो सब फिर तुलसी के पेड़ में बदल जाती हैं। 

कोई नहीं करता हिम्मत
ये रासलीला देखने की हिम्मत कोई भी नहीं करता, क्योंकि जिसने भी इस रहस्य से पर्दा उठाने का प्रयास किया वह पागल हो गया। वर्षों पहले जयपुर के एक कृष्ण भक्त ने रास लीला देखने का प्रयास किया और निधिवन में छुपकर बैठ गया। जब सुबह यहां के गेट खुले तो वो बेहोश था, होश आने पर वह पागलों जैसी हरकतें करने लगा।