व्रत: साल की पहली विनायक चतुर्थी पर बप्पा को ऐसे करें प्रसन्न, इस मंत्र का करें जाप

साल की पहली विनायक चतुर्थी पर बप्पा को ऐसे करें प्रसन्न, इस मंत्र का करें जाप
  • 14 जनवरी रविवार को है विनायक चतुर्थी
  • बप्पा की पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है
  • उपासना से सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में गणेश जी को प्रथम पूज्य के रूप में पूजा जाता है। इसलिए शुभ कार्य से पहले उनकी आराधना की जाती है। गणेश जी को बप्पा, विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि, किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा करने से उस कार्य में कोई बाधा नहीं आती। वैस तो गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए बुधवार को व्रत कर विधि विधान से पूजा की जाती है।

लेकिन हर महीने अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी का अपना महत्व है। जनवरी माह यानि कि साल की पहली विनायक चतुर्थी 14 जनवरी, रविवार के दिन मनाई जाएगी। आइए जानते हैं इसकी पूजा विधि और मुहूर्त...

तिथि कब से कब तक

तिथि आरंभ: 14 जनवरी 2024, रविवार सुबह 07 बजकर 59 मिनट से

तिथि समापन: 15 जनवरी 2024, सोमवार सुबह 04 बजकर 59 मिनट तक

पूजा का मुहूर्त: 14 जनवरी दोपहर 11 बजकर 27 मिनट से 01 बजकर 33 मिनट तक

इस विधि से करें पूजा

- ब्रह्म मूहर्त में स्नानादि से निवृत्त होकर लाल रंग के वस्त्र धारण करें।

- व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थान की सफाई करें।

- दोपहर पूजन के समय गणेश प्रतिमा स्थापित करें।

- इसके बाद श्री गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर चढ़ाएं।

- अब गणेश का प्रिय मंत्र- "ॐ गं गणपतयै नम:" बोलते हुए 21 दूर्वादल चढ़ाएं।

- श्री गणेश को बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं।

- चढ़ाए गए 5 लड्डुओं में से 5 ब्राह्मण को दान दें तथा 5 लड्डू श्री गणेश के चरणों में रखकर बाकी को प्रसाद स्वरूप बांट दें।

- संध्या के समय गणेश चतुर्थी कथा, श्रद्धानुसार गणेश स्तुति, श्री गणेश सहस्रनामावली, गणेश चालीसा, गणेश पुराण आदि का स्तवन करें।

- संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश की आरती करें।

करें इस मंत्र का जाप

विनायक चतुर्थी के दिन गणेश भगवान की विधिवत पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप जरूर करें। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही समस्याओं का जल्दी निवारण होता है।

'वक्रतुण्ड महाकाय, सुर्यकोटि समप्रभ:।

निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   11 Jan 2024 7:15 AM GMT

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