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एप्पल एयरपोडस: AirPods Max 2 भारत में H2 चिप, अडैप्टिव ऑडियो और 20 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ लॉन्च, जानिए कीमत, स्पेसिफिकेशन्स

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। AirPods Max 2 को Apple के लेटेस्ट ओवर-ईयर हेडफ़ोन के तौर पर लॉन्च किया गया। AirPods Max के इस नए वर्शन को ओरिजिनल मॉडल के लॉन्च होने के पाँच साल बाद और अपडेटेड मॉडल के आने के दो साल बाद पेश किया गया है। इनमें नई H2 चिप लगी है, जो लेटेस्ट-जेनरेशन AirPods Pro में भी इस्तेमाल की गई है। क्यूपर्टिनो-बेस्ड टेक कंपनी के मुताबिक, इस अपडेटेड मॉडल में Active Noise Cancellation (ANC), Transparency mode और ओवरऑल ऑडियो परफ़ॉर्मेंस में सुधार किया गया है, जबकि ओरिजिनल AirPods Max का प्रीमियम डिज़ाइन वैसा ही रखा गया है। इन हेडफ़ोन में बेहतर कंप्यूटेशनल ऑडियो क्षमताएँ और Apple के इकोसिस्टम के साथ ज़्यादा बेहतर इंटीग्रेशन भी मिलता है।
AirPods Max 2 की भारत में कीमत और उपलब्धता
भारत में AirPods Max की कीमत Rs. 67,900 तय की गई है। ये पाँच रंगों में उपलब्ध हैं --- Blue, Midnight, Orange, Purple और Starlight। US और 30 से ज़्यादा अन्य देशों और क्षेत्रों के ग्राहक 25 मार्च से Apple की ऑफ़िशियल वेबसाइट और Apple Store ऐप के ज़रिए इन हेडफ़ोन का ऑर्डर दे सकेंगे। यह प्रोडक्ट अगले महीने की शुरुआत में ग्राहकों के घरों तक पहुँचना शुरू हो जाएगा और रिटेल स्टोर में भी उपलब्ध होगा।
Apple इन नए हेडफ़ोन के साथ कुछ अतिरिक्त सेवाएँ भी दे रहा है। ग्राहक AppleCare+ या, US में, AppleCare One का विकल्प चुन सकते हैं, जो अचानक हुए नुकसान, चोरी और गुम होने (चुनिंदा प्रोडक्ट पर), बैटरी बदलने और Apple विशेषज्ञों से 24/7 सहायता के लिए कवरेज देता है।
नए ग्राहकों को AirPods Max 2 खरीदने पर तीन महीने के लिए Apple Music भी मुफ़्त मिलता है।
AirPods Max 2 के फ़ीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स
AirPods Max 2 में Apple की H2 चिप लगी है, जिसने पिछले मॉडल में इस्तेमाल हुई H1 चिप की जगह ली है। कंपनी का दावा है कि उसके ये नए हेडफ़ोन डेढ़ गुना ज़्यादा असरदार Active Noise Cancellation देते हैं, जिससे हवाई जहाज़ के इंजन और आने-जाने के शोर जैसी बाहरी आवाज़ों को रोकने में मदद मिलती है। Transparency mode को भी नई डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग के साथ बेहतर बनाया गया है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह आस-पास की आवाज़ों को ज़्यादा स्वाभाविक बनाती है, साथ ही यूज़र्स को अपने आस-पास के माहौल के बारे में भी पता चलता रहता है। अपने लेटेस्ट-जेनरेशन हेडफ़ोन के साथ, Apple ने एक नया हाई-डायनामिक-रेंज एम्पलीफायर जोड़कर ऑडियो पाइपलाइन को अपग्रेड किया है। इससे ज़्यादा साफ़ आवाज़ मिलती है, जिसमें बेहतर बास रिस्पॉन्स, ज़्यादा सटीक मिड और ज़्यादा साफ़ हाई होते हैं। दावा किया गया है कि ये हेडफ़ोन USB Type-C के ज़रिए कनेक्ट होने पर 24-bit, 48kHz लॉसलेस ऑडियो को सपोर्ट करते हैं। साथ ही, गेमिंग और प्रोफ़ेशनल कामों के लिए इनमें अल्ट्रा-लो लेटेंसी ऑडियो भी मिलता है। यह प्रोडक्ट डायनामिक हेड ट्रैकिंग के साथ पर्सनलाइज़्ड स्पेशियल ऑडियो को सपोर्ट करना जारी रखता है।
कूपर्टिनो-स्थित इस टेक दिग्गज ने AirPods Max 2 में आने वाले कई नए स्मार्ट फ़ीचर्स की भी घोषणा की है। इनमें Adaptive Audio शामिल है, जो आस-पास के माहौल के हिसाब से अपने-आप नॉइज़-कंट्रोल लेवल को एडजस्ट करता है; और Conversation Awareness शामिल है, जो यूज़र के बोलना शुरू करते ही प्लेबैक वॉल्यूम को कम कर देता है।
इसके अलावा, ये हेडफ़ोन Live Translation को सपोर्ट करते हैं, जो Apple Intelligence पर आधारित है। इसकी मदद से यूज़र अलग-अलग भाषाओं में रियल टाइम में बातचीत कर सकते हैं। साथ ही, Voice Isolation से कॉल की क्लैरिटी बेहतर होने का दावा किया गया है। यह बैकग्राउंड के शोर को कम करते हुए यूज़र की आवाज़ को प्राथमिकता देता है।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए, Apple ने स्टूडियो-क्वालिटी ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा दी है। वहीं, कैमरा रिमोट फ़ंक्शन की मदद से यूज़र Digital Crown का इस्तेमाल करके फ़ोटो खींच सकते हैं या वीडियो रिकॉर्डिंग को कंट्रोल कर सकते हैं। अन्य फ़ीचर्स में Loud Sound Reduction, Personalised Volume और Siri के साथ इंटरैक्ट करने के नए तरीके शामिल हैं। इनकी मदद से यूज़र सिर के इशारों से ही Siri को जवाब दे सकते हैं।
कंपनी का दावा है कि AirPods Max 2 में ANC और Spatial Audio चालू होने पर भी 20 घंटे तक सुनने का समय मिलता है। ये हेडफ़ोन फ़ास्ट चार्जिंग को भी सपोर्ट करते हैं। Apple के अनुसार, इन नए हेडफ़ोन के मैग्नेट में 100 प्रतिशत रीसायकल किए गए रेयर-अर्थ एलिमेंट्स, ईयर कुशन में 100 प्रतिशत रीसायकल किया गया पॉलिएस्टर और सर्किट बोर्ड में रीसायकल किया गया सोना और टिन इस्तेमाल किया गया है। इसकी पैकेजिंग पूरी तरह से फ़ाइबर-आधारित और रीसायकल करने लायक होने का दावा किया गया है। यह Apple के बड़े 'Apple 2030' कार्बन न्यूट्रैलिटी लक्ष्यों के अनुरूप है।
Created On :   17 March 2026 3:05 PM IST












