AI तकनीक से घर-घर पहुँची ब्रेस्ट कैंसर जांच, ‘नमो शक्ति’ मिशन ने बनाया नया कीर्तिमान

AI तकनीक से घर-घर पहुँची ब्रेस्ट कैंसर जांच, ‘नमो शक्ति’ मिशन ने बनाया नया कीर्तिमान
हर साल भारत में इसके 2.3 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं, लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि लगभग 60% महिलाओं में इसका पता तब चलता है जब बीमारी स्टेज 3 या स्टेज 4 तक पहुँच चुकी होती है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जाँच हो जाए, तो मृत्यु दर को 95% तक कम किया जा सकता है।

आज भारत में महिलाओं के बीच ब्रेस्ट कैंसर सबसे तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में से एक बन चुका है। देश में महिलाओं में होने वाले कुल कैंसर मामलों में लगभग 25% मामले ब्रेस्ट कैंसर के होते हैं। हर साल भारत में इसके 2.3 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं, लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि लगभग 60% महिलाओं में इसका पता तब चलता है जब बीमारी स्टेज 3 या स्टेज 4 तक पहुँच चुकी होती है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जाँच हो जाए, तो मृत्यु दर को 95% तक कम किया जा सकता है। इसके बावजूद डर, झिझक, जागरूकता की कमी और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच न होने के कारण लाखों महिलाएँ स्क्रीनिंग नहीं करवा पातीं।

हरियाणा से राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने इसी स्थिति को बदलने का संकल्प लिया। 17 सितंबर 2025 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” की शुरुआत की और महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को एक राष्ट्रीय मिशन का रूप दिया। प्रधानमंत्री जी की इसी सोच से प्रेरित होकर कार्तिकेय शर्मा ने “नमो शक्ति ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन” शुरू किया। इसका उद्देश्य था कि महिलाओं तक ऐसी आधुनिक तकनीक पहुँचाई जाए, जिससे वे बिना किसी डर या असहजता के जाँच करवा सकें।

इस मिशन के तहत AI आधारित अत्याधुनिक स्क्रीनिंग तकनीक महिलाओं के घर-घर तक पहुँचाई गई। यह तकनीक पूरी तरह “नो पेन”, “नो टच”, “नो सी” और “नो रेडिएशन” आधारित है। Thermalytix AI तकनीक की मदद से महिलाएँ पूरी गरिमा, गोपनीयता और सुरक्षा के साथ अपनी जाँच करवा सकीं।

8 मार्च 2026 को इस मिशन ने इतिहास रच दिया, जब एक ही दिन में 5,005 महिलाओं की स्क्रीनिंग कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। सिर्फ छह महीनों के भीतर “नमो शक्ति मिशन” दुनिया का सबसे बड़ा AI- ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन बन गया।

आज तक इस पहल के तहत 1 लाख से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। लेकिन कार्तिकेय शर्मा के लिए इस मिशन की असली सफलता कोई रिकॉर्ड या संख्या नहीं, बल्कि हर उस महिला का जीवन है जिसने डर के बजाय “नमो शक्ति” को चुना। सितंबर 2025 में शुरू हुआ यह अभियान आज भी लगातार आगे बढ़ रहा है। हर दिन हजारों महिलाएँ इस मिशन के तहत जांच करवा रही हैं और यह मिशन अब दुनिया का सबसे लंबे समय तक चलने वाला ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग अभियान बनने की ओर अग्रसर है।

Created On :   1 Jun 2026 7:27 PM IST

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