आई-क्यू ने वडोदरा में मायोपिया क्लिनिक शुरू कर बच्चों में आंखों की समस्या की समय पर पहचान और देखभाल पर दिया जोर

आई-क्यू ने वडोदरा में मायोपिया क्लिनिक शुरू कर बच्चों में आंखों की समस्या की समय पर पहचान और देखभाल पर दिया जोर

वडोदरा (गुजरात) [भारत], 9 अक्टूबर: बच्चों में मायोपिया की बढ़ती समस्या को देखते हुए आई-क्यू सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स ने वडोदरा में मायोपिया कंट्रोल / मायोपिया क्लिनिक शुरू की है। इस क्लिनिक का उद्देश्य बच्चों में मायोपिया की समय पर पहचान, नियमित निगरानी और सही देखभाल पर ध्यान देना है।

इस पहल के जरिए आई-क्यू माता-पिता को बच्चों में मायोपिया के बारे में जागरूक करने और उनकी आंखों की नियमित जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करेगा। क्लिनिक के माध्यम से परिवारों को बच्चों की नजर में होने वाले बदलावों को समझने और समय पर आंखों के विशेषज्ञ से सलाह लेने के बारे में जानकारी दी जाएगी।

मायोपिया को आम भाषा में दूर की चीजें साफ दिखाई न देना कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को पास की चीजें साफ दिखाई देती हैं, लेकिन दूर की चीजें देखने में परेशानी होती है। बच्चों में कई बार यह समस्या आसानी से पता नहीं चलती, क्योंकि उन्हें खुद यह समझ नहीं आता कि उनकी नजर में बदलाव हो रहा है।

इस पहल पर डॉ. अंकिता अग्रवाल, एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर, आई-क्यू सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स ने कहा, “कई बार बच्चों को यह समझ नहीं आता कि उन्हें साफ दिखाई नहीं दे रहा है। समय पर आंखों की जांच से नजर में होने वाले बदलावों का पता लगाया जा सकता है और माता-पिता सही समय पर डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। हमारी मायोपिया क्लिनिक का उद्देश्य माता-पिता को बच्चों की आंखों की नियमित जांच और देखभाल के महत्व के बारे में जागरूक करना है।”

माता-पिता को कुछ सामान्य संकेतों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे बच्चे का टीवी या मोबाइल को बहुत पास से देखना, पढ़ते समय किताब को आंखों के बहुत करीब रखना, दूर की चीजें देखने के लिए आंखें सिकोड़ना, स्कूल में बोर्ड देखने में परेशानी होना, बार-बार सिरदर्द होना या आंखों को बार-बार रगड़ना।

डॉ. निधि जैन, सीनियर कंसल्टेंट – रेटिना, आई-क्यू सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स ने कहा, “बच्चे की पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए अच्छी नजर बहुत जरूरी है। नियमित आंखों की जांच से नजर से जुड़ी समस्याओं का समय पर पता लगाया जा सकता है। अगर बच्चे की आदतों में कोई बदलाव दिखाई दे रहा है, तो माता-पिता को बच्चे के नजर की शिकायत करने का इंतजार नहीं करना चाहिए।”

डॉ. रवि शेखर, कंसल्टेंट, आई-क्यू सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स ने कहा, “बचपन में आंखों की नियमित जांच और मायोपिया की निगरानी जरूरी है, क्योंकि इस उम्र में आंखों में बदलाव होते रहते हैं। नियमित जांच के साथ माता-पिता को बच्चों के स्क्रीन टाइम को संतुलित रखने और उन्हें पर्याप्त समय बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सही जानकारी और समय पर डॉक्टर की सलाह बच्चों की आंखों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।”

नई मायोपिया कंट्रोल / मायोपिया क्लिनिक में बच्चों और माता-पिता को मायोपिया से जुड़ी जांच, सलाह और देखभाल की सुविधा मिलेगी। इस पहल के जरिए स्कूलों और परिवारों को भी बच्चों की नियमित आंखों की जांच को उनकी स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

यह क्लिनिक 2nd Floor, Silver Bell Complex, Abbas Tyabji Road, MGVCL Office के सामने, Jayesh Colony, Fatehgunj, Vadodara, Gujarat – 390008 में स्थित है।

इस पहल के माध्यम से आई-क्यू का उद्देश्य बच्चों में मायोपिया को लेकर जागरूकता बढ़ाना और माता-पिता को बच्चों की नजर में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

आई-क्यू सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स

आई-क्यू सुपर-स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स एक प्रमुख आई केयर नेटवर्क है, जो अपने अस्पतालों और विशेष केंद्रों के माध्यम से आंखों से जुड़ी कई तरह की जांच और इलाज की सुविधाएं प्रदान करता है। यहां मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, रेटिना, कॉर्निया, चश्मे से जुड़ी समस्याओं, बच्चों की आंखों की समस्याओं सहित कई तरह की आंखों की सेवाएं उपलब्ध हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक तकनीक और मरीजों की बेहतर देखभाल पर ध्यान देते हुए आई-क्यू लोगों तक गुणवत्तापूर्ण आई केयर सेवाएं पहुंचाने के लिए काम कर रहा है

Created On :   9 Oct 2026 6:16 PM IST

Next Story