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Health: क्या फलों के सेवन से आपको कभी हेल्थ प्रॉबलन हो सकती है? क्या कहती है रिसर्च

Health: क्या फलों के सेवन से आपको कभी हेल्थ प्रॉबलन हो सकती है? क्या कहती है रिसर्च

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फलों को हेल्दी फूड से एक माना जाता है जिसे आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें ग्लूकोज के बजाय फ्रुक्टोज होता है, जो आपके ब्लड सुगर के स्तर को अचानक नहीं बढ़ाता है। पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण, फल आपके स्वास्थ्य और इम्यूनिटी को भी बढ़ाते हैं। हालांकि, शोधकर्ता हमेशा फलों के प्रभावों के बारे में अनिश्चित रहे हैं, खासकर फ्रुक्टोज को लेकर। अत्यधिक फ्रुक्टोज सीधा आपके मोटापे, मधुमेह और अन्य मेटाबॉलिक डिसऑर्डर जैसी स्थितियों से जुड़ा होता है। अब, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी सैन डिएगो के शोधकर्ताओं के एक ग्रुप का कहना है कि अत्यधिक फ्रुक्टोज के सेवन से लीकी गट और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिसीज हो सकता है।

क्या कहा गया है स्टडी में?
आंतों और लीवर से जो एंजाइम प्रड्यूस होते है वो हमारे गेस्ट्रोइन्टेसटिनल ट्रैक्ट में फ्रुक्टोज को ब्रेक करते हैं। माउस मॉडल का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने कहा कि जब फ्रुक्टोज को अधिक मात्रा में लिया जाता है तो यह इंटेसटाइन में गट बैरियर को बाधित करता है। गट बैरियर मकस से ढकी कोशिकाओं की एक परत है जो बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थों के रक्तप्रवाह में पैसेज को रोकता है। जब गट बैरियर डिसरप्ट होता है, तो यह एक क्रोनिक इन्फ्लेमेटरी कंडीशन की ओर जाता है जिसे एंडोटॉक्सिमिया कहा जाता है। इसका अर्थ है रक्त के अंदर एंडोटॉक्सिन (कुछ बैक्टीरिया द्वारा रिलीज टॉक्सिन) की मौजूदगी।

जब ये एंडोटॉक्सिन लीवर में पहुंचते हैं, लीवर फ्रुक्टोज और ग्लूकोज को फैटी एसिड डिपॉजिट में परिवर्तित कर देते हैं। इससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की बीमारी होती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि हाई फैट और हाई फ्रुक्टोज डाइट का अधिक गंभीर प्रभाव होता है, जबकि फ्रुक्टोज की कम मात्रा में गंभीर प्रभाव नहीं होता है। इससे पता चलता है कि लंबे समय तक अत्यधिक फ्रुक्टोज का सेवन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिसीज को मैनेज करने के लिए गट बैरियर को रिस्टोर करना एक अच्छा तरीका हो सकता है।

फलों को खाना सही है या नहीं?
फ्रुक्टोज के दुष्प्रभावों को देखते हुए, स्पष्ट सवाल यह है कि क्या हमें फलों का सेवन करना चाहिए? इसका जवाब इतना आसान नहीं है। फलों में न केवल फ्रुक्टोज होता है, बल्कि इनमें स्वास्थ्यवर्धक पदार्थ जैसे मिनरल और विटामिन भी होते हैं। इसके अलावा, फल हमारे फ्रुक्टोज का एकमात्र स्रोत नहीं हैं; बहुत सारे फास्ट फूड्स में हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप होता है, जिसका उपयोग स्वीटनर के रूप में किया जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का सुझाव है कि आप दिन में पांच बार फलों और सब्जियों का सेवन (80 ग्राम) कर सकते हैं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।