दैनिक भास्कर हिंदी: Covid-19: कोरोना काल में रखे अपने दिल को सुरक्षित, इन चीजों का करें सेवन

May 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। मौत के आंकड़ें बढ़ रहे है। कफन की बिक्री बढ़ रही है और तीसरी लहर की तैयारी शुरु हो चुकी है। ऐसे में आप भी अपने लिए सतर्क हो जाइए। खुद का ख्याल रखिए। कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा मरीजों के लंग्स और हार्ट को प्रभावित किया है। जिसकी वजह से कई लोगों ने अपनी जान गवां दी। इससे बचने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की सलाह दी जाती है। जिसकी वजह से स्वस्थ हृदय में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों में से एक है अपने वजन को नियंत्रण में रहना। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि मोटापा आपके दिल की समस्याओं के खतरे को बढ़ा देगा। अगर आप अपने हार्ट को फिट और एक्टिव रखना चाहते हैं, तो कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल जरूर करें। 

अर्जुन छाल पाउडर-  आयुर्वेद में कई गंभीर बीमारियों के लिए अर्जुन छाल पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। ये हृदय टॉनिक के रूप में काम करता है और कोलेस्ट्रॉल, रक्तचाप रक्त शर्करा के स्तर आदि को कंट्रोल करने में मदद करता है। भारत में अर्जुन के पेड़ को काफी अच्छा माना गया है। धार्मिक और औषधीय दोनों तौर से। इसके पेड़ में हीलिंग गुण होते हैं जो दिल के लिए बेहतर माना जाता हैं। इसके पाउडर का सेवन करना काफी फायदेमंद है। इसमें एक एंटीहाइपरटेन्सिव गुण होता है जो उच्च रक्तचाप के स्तर को कम करके नियंत्रित करने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा हड्डी टूट जाने पर भी अर्जुन की छाल काफी जल्‍दी फायदा पहुंचाती है।

लहसुन- लहसुन काफी गर्म होता है। ठंड के दिनों में इसका सेवन करना काफी फायदेमंद होता हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि, इसे एलियम सैटिवम के नाम से भी जाना जाता है, इसको खाने से कई फायदे मिलते है। लहसुन न केवल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है बल्कि पोटेशियम, फास्फोरस, जिंक और विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है। सुबह खाली पेट लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है और दिल स्वस्थ रहता है। इतना ही नहीं बल्कि, सांस के मरीज को रोज लहसुन की एक कली गर्म करके नमक के साथ खानी चाहिए।

ग्रीन टी- ​​अध्ययन में ये पाया गया हैं कि, टाइप 2 मधुमेह और हृदय की समस्याओं के जोखिम को ग्रीन टी कम करता है। ग्रीन टी में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जिन्हें पॉलीफिनाल्स कहा जाता है। इसके साथ ही इसमें एपिगलोकेटेशिन गलेट (ईजीसीजी) भी पाया जाता है, जो रक्तचाप और शरीर में वसा नियंत्रण में मदद करता है।

अदरक- भारतीय लोग मसालों के काफी शौकीन होते है। बगैर मसालों के किसी भारतीय के घर शायद ही खाना बनता है। इन्हीं में से एक हैं अदरक, जिसका उपयोग हृदय रोग के उपचार में भी किया जाता है। कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मददगार है अदरक का पानी और ये सारी चीजें हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद करती हैं। 

खबरें और भी हैं...