Explainer: फांसी-जहरीला इंजेक्शन, इलेक्ट्रिक चेयर... अलग अलग देशों में कैसे दी जाती है सजा-ए-मौत, नीले ड्रम केस के बाद चर्चा तेज

यह भी पढ़े -CJP प्रोटेस्ट पर 6 अमेरिकी सांसदों की रुबियो को चिट्ठी, भारत ने जताई नाराजगी, पूर्व व्हाइट हाउस अधिकारी ने भी की आलोचना
भारत में फांसी का नियम
भारत में सबसे गंभीर मामलों में अदालत दोषियों को मौत की सजा सुना सकती है। यह सजा केवल कुछ ही मामलों में दी जाती है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और जरूरी न्यायिक प्रक्रियाओं के बाद दोषी को फांसी के फंदे पर लटकाकर मौत की सजा दी जाती है।
कहीं जहरीला इंजेक्शन, तो कहीं इलेक्ट्रिक चेयर
अमेरिका के कुछ राज्यों और चीन में मौत की सजा देने के लिए घातक इंजेक्शन (लीथल इंजेक्शन) का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया में दोषी के शरीर में ऐसी दवाएं दी जाती हैं जिनसे उसकी मृत्यु हो जाती है। हालांकि, इस तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय पहलुओं और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर बहस होती रहती है। कुछ मामलों में इंजेक्शन से मौत की प्रोसेस में कॉम्प्लिकेशन्स सामने आने की शिकायतें भी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के कुछ राज्यों में मौत की सजा देने के लिए बिजली की कुर्सी (इलेक्ट्रिक चेयर) और गोली मारने जैसे तरीकों का भी कानूनी प्रावधान है।
यह भी पढ़े -CJP के खिलाफ मैरी मिलबेन का हमला, बोलीं- भारत में नई आवाज उठाने का समय, मोदी विरोधी अमेरिकी डोनर्स कर रहे हैं फंडिंग
कहीं गोली मारकर, तो कहीं सिर कलम करने की सजा
उत्तर कोरिया में मौत की सजा देने के लिए गोली मारने का तरीका इस्तेमाल किए जाने की खबरें सामने आती रही हैं। इस प्रक्रिया को फायरिंग स्क्वाड कहते हैं। बताया जाता है कि, इसमें सैनिकों या सुरक्षाकर्मियों का एक समूह दोषी को गोली मारता है। न्यूज रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब में कुछ गंभीर अपराधों के लिए सिर कलम करके मौत के घाट उतारा जाता है। हालांकि, अलग-अलग देशों में मौत की सजा से जुड़े कानून, अपराधों की श्रेणियां और उन्हें लागू करने की प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं।
Created On :   17 Oct 2026 1:53 PM IST












