WHO का अलर्ट: अफ्रीका में तेजी से पैर पसार रहा इबोला वायरस, 90 की मौत, भारत को क्यों सता रही चिंता?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अफ्रीका में इबोला वायरस तेजी से पैर पसार रहा है। इसको देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है। खबर मिली है कि अफ्रीका में इस वायरस से ग्रसित 300 से ज्यादा लोग है, जबकि लगभग 90 की जान चली गई है। भारत में इस टाइप को कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार और डॉक्टरों पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं।
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इस देशों में इबोला वायरस का प्रकोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफ्रीका के डीआरसी और युगांडा देशों में इबोला वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। यहां पर 300 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो गए हैं और 90 लोगों की मौत हो गई है। वहां की स्थिति को ध्यान में रखते हुए डब्ल्यूएचओ ने इसे अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित कर दिया है। यह उस स्थिति में अलर्ट जारी किया जाता है, जब कोई बीमारी एक देश से दूसरे देशों तक फैलती है।
तीसरी बार जारी किया अलर्ट
यह तीसरी बार है, जब इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले साल 2014 में वेस्ट अफ्रीका भयानकर इबोला आउटब्रेक के कारण 11,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद साल 2019 में DRC में इस बीमारी का अलर्ट जारी करना पड़ा था। अब एक बार फिर साल 2026 में इस वायरस से सतर्क रहने का कहा गया है।
भारत इस वजह से है चिंतित?
हालांकि, भारत में अभी तक एक भी मरीज इस वायरस का नहीं मिला है। लेकिन दुनिया मौजूदा समय में हवाई रास्ते से जुड़ी हुई है, जो घंटे भर में एक से दूसरे देश तक कोई व्यक्ति पहुंच सकता है। जिससे वायरस फैलने का खतरा है। जानकारी के मुताबिक, इस वायरस का शिकार नवंबर, 2014 में दिल्ली का एक 26 वर्षिय युवक पाया गया था। वह लाइबेरिया से भारत पहुंचा था। उस समय सरकार ने उसे तुरंत आइसोलेट कर दिया था।
Created On :   18 May 2026 8:12 PM IST












