US-Iran Ceasefire: 'शहबाज-मुनीर के आग्रह पर ईरान के साथ सीजफायर...' चीन यात्रा के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने पाकिस्तान को दिखाया आईना!

शहबाज-मुनीर के आग्रह पर ईरान के साथ सीजफायर... चीन यात्रा के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने पाकिस्तान को दिखाया आईना!
पाकिस्ता ने मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए मध्यस्थता कर रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद को लेकर कुछ खास शब्दों का इस्तेमाल किया है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। पाकिस्ता ने मौजूदा समय में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए मध्यस्थता कर रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद को लेकर कुछ खास शब्दों का इस्तेमाल किया है। ट्रंप से ईरान सीजफायर को लेकर पूछा तो इस पर उन्होंने कहा कि 'एहसान', 'किसी पर कृपा करने की शर्तें' और 'पाकिस्तान पर उपकार' करने की बात स्वीकार किया है। इन शब्दों से साफ नजर आ रहा है कि अमेरिका पाकिस्तान को आईना दिखा रहा है। उनका यह बयान हाल ही में चीन की यात्रा के बाद सामने आया है।

ट्रंप ने पाकिस्तानी PM को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में आगे कहा, "मैं किसी पर उपकार करने में विश्वास नहीं करता। मानता हूं कि फेवर के बदले लोग फेवर (एहसान के बदले एहसान) की ही इच्छा रखते हैं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से मुझसे अनुरोध किया गया तो मैंने ये 'एहसान' कर दिया। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आग्रह पर ईरान के साथ सीजफायर पर सहमति जताई और फारस की खाड़ी में स्थित इस देश पर किसी भी तरह की और बमबारी से इनकार किया।"

ईरानी परमाणु हथियार पर दी प्रतिक्रिया

ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक भूमिका को मान्यता मिल जाए। उन्होंने आगे अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की मंजूरी नहीं मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, "ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं देंगे और तेहरान को यूरेनियम को छोड़ देना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव का पहला वाक्य पढ़ते ही उसे खारिज कर दिया। ऐसा इसलिए किया कि उसने अपने परमाणु हथियार के संबंध में कोई ठोस गारंटी नहीं दी थी। हालांकि, पाकिस्तान की मध्यस्थता में पहले ही दौर की वार्ता अमेरिका और ईरानी डेलिगेशन की आमने-सामने बैठकर हुई है। जो सफल नहीं हो सकी। इसके बाद से दोनों देश इस्लामाबाद के जरिए अपने प्रस्ताव एक-दूसरे को भेज रहे हैं।

Created On :   17 May 2026 12:59 AM IST

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