Iran-US Talk: पाकिस्तान में शांति वार्ता के लिए क्यों तैयार नहीं हुआ ईरान? विदेश मंत्री ने बताई पूरी सच्चाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जंग अब भी जारी है। अमेरिका और ईरान के बीच का तनाव अब भी कम नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच बातचीत होने वाली थी लेकिन अब नहीं हो रही है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने पाकिस्तान समकक्ष इशाक डर से फोन पर बात की है। साथ ही अमेरिका पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिका ने पहले भी कई बार भरोसा तोड़ा है और हाल की घटनाओं भी ये साफ दिखाई दे रहा है। अराघची ने आगे जून और मार्च 2025 की घटनाओं का भी जिक्र किया है। जिसमें बातचीत होने के बाद भी अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी।
अब्बास अराघची का क्या है कहना?
अब्बास अराघची का कहना है कि हालही में भी अमेरिका ने सीजफायर का उल्लंघन किया है और ईरान के बंदरगाहों, तटों और जहाजों को लेकर भी कई धमकियां दी हैं। वहीं, अमेरिका की तरफ से लगातार सख्त और धमकी भरे बयान अब भी दिए जा रहे हैं। अराघची के अनुसार, अमेरिका की मांगें भी साफ नहीं हैं। हर बार बदलती हैं और कई बार एक दूसरे के बिल्कुल विपरीत या खिलाफ होती हैं।
अमेरिका कूटनीति को गंभीरता से नहीं ले रहा- अराघची
अराघची ने ये भी कहा है कि अमेरिका के बयानों से ये साफ हो रहा है कि वो कूटनीति को गंभीरता से नहीं ले रहा है। साथ ही अमेरिका की नियत भी ठीक नहीं है। उन्होंने ये भी कहा है कि इस तरह के रवैये से किसी भी तरह की बातचीत या समझौते की संभावना कमजोर हो सकती है।
पाकिस्तान और ईरान के बीच बात
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, बातचीत में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से ये बताया है कि उन्होंने हाल ही में सऊदी अरब, कतर और तुर्किए के नेताओं से बातचीत की है। जिसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ स्थायी शांति का रास्ता निकालना था।
Created On :   20 April 2026 12:51 PM IST












