Israel News: पीएम मोदी के दौरे से पहले इजरायल में शुरू हुई राजनीति, विपक्ष नेता ने दी नेतन्याहू को धमकी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार (25 फरवरी) को इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। वे एक लम्बें समय (8 साल) के बाद इजरायल की यात्रा पर जा रहे हैं। दोनों नेता इस समय का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान वह अपने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल के राष्ट्रपति आईजैक हेजबर्ग से मुलाकात करेंगे और वहां कि संसद में भाषण देंगे। इसी बीच इजरायल के विपक्षी नेताओं ने एक मांग कर दी है। उन्होंने कहा अगर भारतीय पीएम के भाषण के दौरान सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया तो वह हम भी नहीं जाएंगे।
विपक्षी नेताओं ने दौरे से पहले एक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी नेता लापिड ने कहा कि जब पीएम मोदी संसद को संबोधित करेंगे तो उस वक्त वहां के सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष इत्जैक अमिट को आमंत्रित किया जाए। लापिड ने कहा कि हम उनके भाषण का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं। लेकिन सत्तापक्ष हमें जानबूझकर ऐसी स्थिति में डालने की कोशिश कर रही है।
इजरायली संसद में लापिड ने कहा, " हमने इस मामले में भारतीय दूत से बात की है, वह इस विवाद से चिंतित हैं। भारतीय पीएम का केनेसेट में आना हम सभी के लिए बड़े सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि अगर इजरायली पीएम ने सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष को पीएम मोदी के भाषण में नहीं बुलाया तो हम हम भी इसमें शामिल नहीं होंगे।" उन्होने कहा हम नहीं चाहते कि एक अरब से अधिक आबादी वाले देश के पीएम आधे खाली केनेसट (इजरायली संसद) के सामने खड़े हों, हमें भारत को असहज करने वाली स्थिति में नहीं डालना चाहिए।
ओहान ने यह भी पूछा कि लापिड ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई और डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन का बहिष्कार क्यों नहीं किया। उस समय भी सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष को नहीं बुलाया गया था। विपक्षी नेता लापिड ने जवाब में कहा कि पीएम नेतन्यूहू से अपील की कि वे स्पीकर को निर्देश दें कि SC (सुप्रीम कोर्ट) के अध्यक्ष को भी पीएम मोदी के भाषण में आमंत्रित करें। दरअसल इजराय की राजनीति में लगभग 2 साल से विवाद चल रहा है। पिछले दो साल से यह देश न्यायिक सुधार को लेकर गहरे विभाजन से जूझ रहा है।
Created On :   22 Feb 2026 9:57 PM IST












