अमेरिका: ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए हाल ही में लागू किए गए ग्लोबल टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 राष्ट्रपति को 150 दिनों तक 15 प्रतिशत तक का शुल्क लगाने की अनुमति देता है, जब तक कि कांग्रेस इसे आगे बढ़ाने की मंजूरी न दे दे। ट्रंप ने यह कदम यूएस सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पहले के टैरिफ प्रावधानों के बड़े हिस्से को रद्द करने के एक दिन बाद उठाया है।
आपको बता दें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले से ट्रंप के टैरिफ को खारिज कर दिया था। शीर्ष कोर्ट ने कहा राष्ट्रपति को ये अधिकार नहीं है। वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक चीफ जस्टिस जॉन जी. रॉबर्ट्स जूनियर ने बहुमत की ओर से फैसले को लिखते हुए कहा कि राष्ट्रपति उस कानून के तहत किसी भी देश से, किसी भी प्रोडक्ट के इम्पोर्ट पर, किसी भी रेट पर, किसी भी टाइम के लिए टैरिफ शुल्क नहीं लगा सकते हैं। ट्रंप ने सुको के फैसले को निराशानजक कहा। साथ ही जजों पर टिप्पणी की।
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वैश्विक टैरिफ वृद्धि को लेकर US President ट्रंप का कहना है कि यह वृद्धि टॉप कोर्ट द्वारा जारी किए गए हास्यास्पद और असाधारण रूप से अमेरिका विरोधी टैरिफ संबंधी निर्णय की गहन, विस्तृत और पूर्ण समीक्षा के बाद की गई है। ट्रंप ने अपनी एक पोस्ट में कहा है कि US President के रूप में, मैं तत्काल प्रभाव से उन देशों पर लागू 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ को बढ़ा रहा हूं, जो कई दशकों से बिना किसी दंड के हमारे देश अमेरिका को लूट रहे थे।
US President का कहना है कि आगामी कुछ महीनों के भीतर प्रशासन नए और कानूनी रूप से मान्य टैरिफ निर्धारित और जारी करेगा, जो अमेरिका को फिर से महान बनाने की हमारी असाधारण रूप से सफल प्रक्रिया को जारी रखेगा। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार ट्रंप का नया ग्लोबल टैरिफ व्यक्तिगत देशों को लक्षित करने के बजाय सभी आयातों पर सार्वभौमिक रूप से लागू होना चाहिए।
Created On :   22 Feb 2026 11:01 AM IST













