PoK में 'लॉन्ग मार्च': पाकिस्तान सरकार पर फूटा लोगों का गुस्सा, सड़कों पर उतरा जनसैलाब, इन मांगों को लेकर भारी आक्रोश, सेना ने इलाके को घेरा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में एक बार फिर लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के आह्वान पर बुधवार (15 जुलाई) को मुजफ्फराबाद की ओर बड़ा लॉन्ग मार्च शुरू हो गया है। अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में लोग इस मार्च में शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया इसलिए उन्होंने आंदोलन तेज कर दिया है। लोग गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई, बेहतर सुविधाएं और सख्ती बंद करने की मांग कर रहे हैं।
क्यों शुरू हुआ लॉन्ग मार्च?
JAAC ने पहले सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए समय दिया था। समय सीमा खत्म होने के बाद संगठन ने लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया। रावलकोट, मीरपुर, कोटली, बाग और दूसरे इलाकों से लोग मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहे हैं। कई जगह बाजार बंद हैं और कुछ सड़कों पर भी असर देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
प्रदर्शन करने वाले लोग गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई चाहते हैं। वे इंटरनेट और मोबाइल सेवा बहाल करने, बिजली की दरें कम करने और खाने-पीने की जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, उनका कहना है कि लोगों को बेहतर सरकारी सुविधाएं और सही प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
सुरक्षा बढ़ी, तनाव भी बढ़ा
लॉन्ग मार्च को देखते हुए मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। अगर बातचीत से हल नहीं निकला, तो तनाव और बढ़ सकता है। हाल के दिनों में कई जगह विरोध प्रदर्शन और झड़पों की खबरें भी सामने आई हैं।
आम जनजीवन पर असर
लगातार चल रहे विरोध की वजह से कई इलाकों में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। कुछ जगह बाजार बंद हैं, सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को जरूरी सामान मिलने में भी परेशानी हो रही है। हालिया हिंसा में कई लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। प्रदर्शनकारी अब भी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं और समाधान की मांग कर रहे हैं।
Created On :   15 July 2026 2:14 PM IST










