मीडिल ईस्ट तनाव: अमेरिका ने ईरान पर किया कड़ा आर्थिक प्रहार, तेल निर्यात से जुड़े 50 से अधिक ठिकानों को किया बैन

अमेरिका ने ईरान पर किया कड़ा आर्थिक प्रहार, तेल निर्यात से जुड़े  50 से अधिक ठिकानों को किया बैन
US- Iran संघर्ष के बीच इन प्रतिबंधों का मकसद उस वित्तीय लाइफ लाइन को काटना है जो अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों को बढ़ावा देती है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने ईरान पर अब सैन्य हमलों के साथ साथ आर्थिक हमलों को और तेज कर दिया है। US फाइनेंस डिपार्टमेंट के 'ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल' (ओएफएसी) ने ईरान के अवैध तेल ट्रांसपोर्ट और प्रतिबंधों को दरकिनार करने वाले एक बड़े नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। ।

अमेरिका वित्त विभाग ने 24 कॉरपोरेट कंपनियों और 20 समुद्री जहाजों के साथ साथ 6 लोगों को ब्लैकलिस्ट कर बैन लगाए है। अमेरिका ने इस कार्रवाई से मोहम्मद हुसैन शमखानी के व्यापक सी ट्रेड सिस्टम को निशाना बनाया है। जिनमें असगर अघिली देहकोर्डी और बेहजाद मोघदास जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं।

अमेरिका का यह आर्थिक हमले वाला कदम होर्मुज में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों और बढ़ते तनाव के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट और समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अमेरिका ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज मोहम्मद हुसैन शमखानी के नियंत्रण वाले समुद्री व्यापार नेटवर्क से जुड़े 50 से अधिक लोगों, कंपनियों और जहाजों को प्रतिबंधित सूची (ब्लैकलिस्ट) में रखा है। इससे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अधिक बढ़ गया है

यूएस अधिकारियों के मुताबिक ये सभी आरोपी वित्तीय ब्रोकरों, लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस, समुद्री प्रबंधकों और विदेशों में स्थित शेल कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क के जरिए व्यापारिक प्रतिबंधों को बाईपास कर रहे थे। अब इन्हें बैन कर दिया है। वाशिंगटन इस कार्रवाई से ईरान पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश में है।

अमेरिका का मानना है कि ईरान का ये अवैध तेल नेटवकर्क उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इसे लेकर कहा ईरानी शासन धोखे और फरेब पर जीवित है, और शमखानी का यह नेटवर्क उसके सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाले इंजनों में से एक है।

Created On :   15 July 2026 12:42 PM IST

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