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जानिए उन 5 फूड के बारे में जो है अंडों की तरह पौष्टिकता से भरपूर

जानिए उन 5 फूड के बारे में जो है अंडों की तरह पौष्टिकता से भरपूर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंडे अपने हाई न्यूट्रीशियनल वैल्यू के लिए जाने जाते हैं। हालांकि उनकी इनक्रेडिबल वर्सेटिलिटी के बावजूद कुछ लोग डायट्री रेस्ट्रिक्शन या व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के कारण अंडे खाने से बचते हैं। अगर आप भी उसी कैटेगरी में हैं जो अंडे का सेवन नहीं करते हैं तो आपके लिए और भी कई सारे ऑप्शन है जो अंडे की ही तरह पौष्टिकता से भरपूर है। आज हम आपको अंडे के अल्टरनेटिव फूड के बारे में बताने जा रहे हैं:

1. टोफू:
एक प्लांट बेस्ड एग अल्टरनेटिव। सोया दूध से बना यह दूधिया सफेद, मलाईदार, फ्लेवरलेस खाद्य पदार्थ प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत है और पोषण के पैमाने पर उच्च है। इसे सोयाबीन का पनीर भी कहा जाता है। सिलकेन टोफू में पानी की मात्रा अधिक होती है, यह कई पोषण लाभ प्रदान करता है और अंडे का एक बढ़िया रिप्लेसमेंट है। केवल 60 ग्राम सिलकेन टोफू एक और अंडे की न्यूट्रिशनल वैल्यू समान होती है। पकने पर टोफू काफी स्वादिष्ट भी बनता है।

File:Tofu 4.jpg - Wikimedia Commons

2. चिया सीड्स, कद्दू के बीज, अलसी का बीज: 
चिया सीड छोटे काले बीज होते हैं। ये पोषण से भरपूर होते हैं। इनमें प्रोटीन, ओमेगा 3 और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसे आप दलिया में मिलाकर खा सकते हैं।

Chia seeds and their various benefits - Sentinelassam

वहीं अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, फास्‍फोरस, पोटैशियम, फोलेट, ल्‍यूटिन और जीएक्‍सेंथिन से भरपूर होती है। इसे पाउडर के तौर पर इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद है।

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कद्दू के बीज में भी कई पोषक तत्व जैसे मैग्नीशियम, प्रोटीन, फाइबर, जिंक आदि पाया जाता है। भुने या अंकुरित कद्दू के बीजों को आप रोजाना खा सकते हैं। 30 ग्राम कद्दू के बीजों में 9 ग्राम प्रोटीन होता है जो 1 अंडे में मौजूद प्रोटीन से अधिक होता है।

Pumpkin Seeds for Feeding Backyard Birds

3. दाल: 
मसूर, उड़द, तुअर, मटर जैसी दालें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्वों का एक अद्भुत स्रोत हैं। 1 कप दाल में 14 ग्राम प्रोटीन होता है।

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4. कॉटेज चीज या पनीर: 
पनीर को एग के रिप्लेसमेंट के तौर पर लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। पनीर बहुत ही सेहतमंद है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी 12, आयरन होता है।

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5. राजमा या किडनी बीन्स: 
यह अंडे का एक शानदार विकल्प है। राजमा पोषक तत्व युक्त, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स, प्रोटीन युक्त होता है। राजमा को इसके आयरन से भरपूर, पोटेशियम से भरपूर, कम वसा वाले गुणों के लिए जाना जाता है। डायट्री फाइबर का एक उत्कृष्ट स्रोत, राजमा डाइजेशन को बढ़ाता है। 1 कप राजमा से आपको मैग्नीशियम, विटामिन K1, कॉपर और कई पोषक तत्व होते हैं। यह पोषण के पावरहाउस की तरह है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।