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आज 'राम' काज पूरा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखी श्रीराम मंदिर की आधार शिला, अभिजीत मुहूर्त में हुआ भूमि पूजन

आज 'राम' काज पूरा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखी श्रीराम मंदिर की आधार शिला, अभिजीत मुहूर्त में हुआ भूमि पूजन

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखी श्रीराम मंदिर की आधार शिला
  • भूमि पूजन से पहले पीएम मोदी ने जन्मभूमि जाकर किए रामलला के दर्शन
  • श्रीराम जन्मभूमि में जाकर रामलला के दर्शन करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बने नरेन्द्र मोदी

डिजिटल डेस्क, अयोध्या। संपूर्ण भारत के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण की आधार शिला रखी। पीएम मोदी ने अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन किया। मोदी के अलावा इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास मौजूद रहे। पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने बतौर इस पद पर रहते हुए श्रीरामजन्मभूमि पर साष्टांग होकर रामलला के दर्शन किए। भूमि पूजन कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने हनुमानगढ़ी जाकर आर्शीवाद लिया। 

श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में 12 बजकर 44 मिनट पर नींव रखी। सिर्फ 32 सेकंड का शुभ अभिजीत मुहूर्त था। इससे पहले 31 साल पुरानी 9 शिलाओं का पूजन किया गया। चांदी की ईंटों की भी पूजा की गई। 492 साल पहले बाबर के कहने पर अयोध्या में विवादित ढांचा बना था। 1885 में पहली बार यह मामला अदालत में गया। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके ठीक नौ महीने बाद आज अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन संपन्न हुआ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साष्टांग होकर किए रामलला के दर्शन, भगवान श्रीराम के दर्शन के बाद रामजन्मभूमि परिसर में लगाया पारिजात का पौधा।

नरेन्द्र मोदी अयोध्या में रामलला के दर्शन करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बने
आजादी के बाद मोदी इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो इस पद पर रहते हुए रामलला के दरबार में पहुंचे थे। उनसे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी और खुद नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री अयोध्या पहुंचे, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं कर पाए थे। बता दें कि पीएम मोदी ने 1991 में प्रतिज्ञा ली थी कि वे श्रीराम जन्मभूमि पर तभी जाएंगे जब मंदिर निर्माण का भूमि पूजन होगा। आज 29 साल बाद पीएम मोदी ने अपनी ये प्रतिज्ञा पूरी की। 

सबसे पहले हनुमानगढ़ी में प्रधानमंत्री मोदी दर्शन किए उसके बाद आरती की और सीएम योगी के साथ मंदिर की परिक्रमा लगाई।

अवधेशानंद, स्वामी रामदेव, चिदानंद मुनि, साध्वी ऋतंभरा, पुज्य परमानंद जी महाराज, राघवाचार्य, महामंडलेश्वर अखिलेशानंद, डॉ. श्यामदेव देवाचार्य, जगदगुरु रामानंदाचार्य समेत कई साधु-संत भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके साथ ही राम जन्मभूमि मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को भी न्योता दिया गया था।

श्रीराम जन्मभूमि के अंदर की तस्वीर

भगवान श्रीराम के बाल रुप को फूलों के साथ सजाया गया 

  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण की चौपाई ट्वीट करते हुए राम भक्तों को बधाई संदेश दिया।

भूमि पूजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था
भूमि पूजन कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अयोध्या में स्नाइपर्स तैनात किए गए थे। तीन सुरक्षा घेरे में 3500 पुलिसकर्मी, 40 कंपनी पीएसी, 10 कंपनी सीआरपीएफ लगाई गई थी। कोरोना संक्रमण के चलते सुरक्षा व्यवस्था में 45 साल से कम उम्र के सुरक्षाकर्मी ही तैनात किए गए हैं। शहर की सीमाएं सील कर दी गई थी।

भूमि पूजन में वितरित किए गए लड्डू

ऐसा होगा राम मंदिर

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