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Earthquake in JK: जम्मू-कश्मीर में 3.9 तीव्रता का भूकंप, श्रीनगर के पास रहा केंद्र

Earthquake in JK: जम्मू-कश्मीर में 3.9 तीव्रता का भूकंप, श्रीनगर के पास रहा केंद्र

हाईलाइट

  • गांदरबल और श्रीनगर में महसूस किए गए भूकंप के झटके
  • भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.9 मापी गई

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मंगलवार सुबह 8 बजे के आसपास भूकंप के झटके महसूस किए हैं। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, गांदरबल और श्रीनगर के पास भूकंप का केंद्र रहा। हालांकि यहां किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। बता दें कि, पिछले कुछ महीनों से लगातार अलग-अलग राज्यों में भूकंप के झटके आ रहे हैं। राजधानी दिल्ली इसका केंद्र बना हुआ है। बार-बार आ रहे भूकंप के इन झटकों को किसी बड़े खतरे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।    

Earthquake in Delhi: दिल्ली-एनसीआर में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके, तीव्रता 2.1

सोमवार (9 जून) को भूकंप का केंद्र गुरुग्राम रहा
राष्ट्रीय राजधानी में एक दिन पहले यानी सोमवार को ही हल्का भूकंप आया, जिसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 2.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र हरियाणा का गुरुग्राम रहा। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, हरियाणा के गुरुग्राम से 13 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम में कम तीव्रता का भूकंप पैदा हुआ। इसकी गहराई 18 किलोमीटर थी। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटकों की शुरुआत 12 अप्रैल से हुई है। तब से अबतक राजधानी में 14 बार झटके लग चुके हैं।

Earthquake: झारखंड के जमशेदपुर में 4.7 और कर्नाटक के हम्पी में 4.0 की तीव्रता से भूकंप के झटके, बड़े खतरे का संकेत

पिछले हफ्ते भूकंप का केंद्र रहा दक्षिण पूर्व नोएडा
पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के नोएडा में भूकंप आने के बाद दिल्ली और एनसीआर में झटके महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र दक्षिण पूर्व नोएडा था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NSC) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 मापी गई, जो नोएडा के दक्षिण पूर्व में 19 किमी दूर रात 10.42 मिनट पर आया था। 

झारखंड और कर्नाटक में भूकंप के झटके
वहीं शुक्रवार को (5 जून) को भी दो राज्यों कर्नाटक और झारखंड में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। कर्नाटक के हम्पी में भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई। वहीं झारखंड के जमशेदपुर में रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 रही। दोनों ही जगहों पर जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था।

बार-बार भूकंप के झटके बड़े खतरे का संकेत
लगातार आ रहे भूकंप के पीछे विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वक्त में यह एनसीआर के लिए बड़े खतरे का संकेत है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बताया जा रहा है, दिल्ली-एनसीआर में धरती के अंदर प्लेटों के एक्टिव होने से ऊर्जा निकल रही है, जिससे रह-रहकर झटके महसूस हो रहे हैं।

12 अप्रैल से लगातार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आ रहे भूकंप
NSC के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 12, 13 और 16 अप्रैल को भूकंप के झटके लगे। इसी तरह मई में भी भूकंप के झटकों का सिलसिला जारी रहा। 6, 10, 15 मई और 28 मई को दिल्ली-फरीदाबाद एनसीआर में झटके लगे। इसके बाद 29 मई को दो बार झटके लगे, जिसका केंद्र रोहतक रहा। NSC के मुताबिक इस अवधि में राजस्थान में एक, उत्तराखंड में चार और हिमाचल प्रदेश में भी छह बार भूकंप के झटके लगे। हालांकि गनीमत रही कि झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.2 से लेकर 4.5 तक रही। इससे अधिक तीव्रता के झटके लगने पर नुकसान की आशंका रहती है।

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