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Earthquake: झारखंड के जमशेदपुर में 4.7 और कर्नाटक के हम्पी में 4.0 की तीव्रता से भूकंप के झटके, बड़े खतरे का संकेत

June 05th, 2020 09:26 IST
Earthquake: झारखंड के जमशेदपुर में 4.7 और कर्नाटक के हम्पी में 4.0 की तीव्रता से भूकंप के झटके, बड़े खतरे का संकेत

हाईलाइट

  • कर्नाटक के हम्पी में भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई
  • झारखंड के जमशेदपुर में 4.7 तीव्रता का भूकंप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाद अब देश के अन्य दो राज्यों कर्नाटक और झारखंड में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। सुबह 6.55 बजे लोगों ने भूकंप का झटका महसूस किया। कर्नाटक के हम्पी में भूकंप की तीव्रता 4 मापी गई। वहीं झारखंड के जमशेदपुर में रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 रही। फिलहाल दोनों ही जगहों पर जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

बुधवार को 3.2 तीव्रता से फिर थर्राई दिल्ली 
बता दें कि, दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को कम तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। भूकंप का केंद्र दक्षिण पूर्व नोएडा था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NSC) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 मापी गई, जो नोएडा के दक्षिण पूर्व में 19 किमी दूर रात 10.42 मिनट पर आया था। हालांकि भूकंप के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ था। गौरतलब है कि, दिल्ली और दिल्ली एनसीआर में पिछले डेढ़ महीने में 11 बार भूकंप के झटके लग चुके हैं। 

बार-बार भूकंप के झटके बड़े खतरे का संकेत
लगातार आ रहे भूकंप के पीछे विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वक्त में यह एनसीआर के लिए बड़े खतरे का संकेत है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बताया जा रहा है, दिल्ली-एनसीआर में धरती के अंदर प्लेटों के एक्टिव होने से ऊर्जा निकल रही है, जिससे रह-रहकर झटके महसूस हो रहे हैं।

12 अप्रैल से लगातार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आ रहे भूकंप
NSC के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 12, 13 और 16 अप्रैल को भूकंप के झटके लगे। इसी तरह मई में भी भूकंप के झटकों का सिलसिला जारी रहा। 6, 10, 15 मई और 28 मई को दिल्ली-फरीदाबाद एनसीआर में झटके लगे। इसके बाद 29 मई को दो बार झटके लगे, जिसका केंद्र रोहतक रहा। NSC के मुताबिक इस अवधि में राजस्थान में एक, उत्तराखंड में चार और हिमाचल प्रदेश में भी छह बार भूकंप के झटके लगे। हालांकि गनीमत रही कि ये झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.2 से लेकर 4.5 तक रही। इससे अधिक तीव्रता के झटके लगने पर नुकसान की आशंका रहती है।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।