दैनिक भास्कर हिंदी: आंदोलन का 83वां दिनः पीएम मोदी का दावा, नए कृषि कानूनों से छोटे किसानों को ज्यादा लाभ होगा  

February 16th, 2021

हाईलाइट

  • किसान दिल्ली की सीमाओं पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन पर बैठे हैं।
  • उन्होंने कहा, नए कृषि सुधारों से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
  • मोदी ने कहा, जो लोग भारत में विदेशी फर्मों को आमंत्रित करते थे, वे अब उस सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं

डिजिटल डेस्क (भोपाल)।  पिछले साल लागू किए गए तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के 83वें दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि इन कानूनों से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समृद्ध बनाना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग इन कानूनों के खिलाफ अफवाहें फैला रहे हैं। हजारों किसान, मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली की सीमाओं पर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन पर बैठे हैं।

उत्तर प्रदेश के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक का शिलान्यास और परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए इन कानूनों के खिलाफ लोगों में एक झूठी कहानी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, नए कृषि सुधारों से छोटे और सीमांत किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। कुछ लोग इन सुधारों के खिलाफ अफवाहें फैला रहे हैं।

कांग्रेस पर एक स्पष्ट हमले में, मोदी ने कहा, जो लोग भारत में विदेशी फर्मों को आमंत्रित करते थे, वे अब उस सरकार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं जो भारतीय निजी कंपनियों को मौका देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों ने खुद उन राजनेताओं को बेपर्दा किया है जो पिछले साल सितंबर में संसद के मानसून सत्र में अधिनियमित किए जाने के बाद से इन कानूनों के खिलाफ अफवाह फैला रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने आगे उल्लेख किया कि कोविड-19 महामारी के बावजूद सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में धान की खरीद पिछले साल की तुलना में दोगुनी हो गई है। इस वर्ष धान की खरीद इस सीजन में अब तक 65 लाख मीट्रिक टन दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी तरह किसानों की जमीनों की सुरक्षा के लिए देश भर में स्वामित्व योजना भी चलाई जा रही है। उन्होंने कहा, 12,000 से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वे किया गया है और दो लाख से अधिक परिवारों को अब तक संपत्ति कार्ड मिले हैं। किसान पहली बार ऐसी योजना देख रहे हैं, जो उनकी जमीनों की रक्षा के लिए कवच जैसी भूमिका निभा रहा है।

24 अप्रैल, 2020 को राष्ट्रीय पंचायत दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत के लिए एक एकीकृत संपत्ति सत्यापन समाधान प्रदान करना है और ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग कर ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का सीमांकन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि महाराजा सुहेलदेव स्मारक आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और उत्तर प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आएंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कैसे उत्तर प्रदेश देश के उन शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है, जहां ज्यादा विदेशी पर्यटक आते हैं।

 

 

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