दैनिक भास्कर हिंदी: NRC की लिस्ट से गायब असम की पूर्व मुख्यमंत्री सैयदा अनवरा तैमूर का नाम

August 4th, 2018

हाईलाइट

  • असम की पूर्व और एक मात्र महिला सीएम सैयदा अनवरा तैमूर का नाम NRC की लिस्ट में शामिल नहीं।
  • नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन का फाइनल ड्राफ्ट ने सोमवार को जारी किया गया था।
  • लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए भारत आएंगी सैयदा अनवरा तैमूर।

डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट जारी होने के बाद अधर में लटके 40 लाख लोगों के भविष्य के बीच असम की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रहीं सैयदा अनवरा तैमूर का नाम भी ड्राफ्ट से गायब है। असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन का फाइनल ड्राफ्ट सोमवार को जारी किया गया था। जिसमें 40 लाख लोग गैर भारतीय बताए गए। ये ऐसे लोग हैं जिनका नाम ड्राफ्ट में नहीं है। इन्हीं लोगों में असम की पूर्व महिला मुख्यमंत्री रहीं सैयदा अनवरा तैमूर भी शामिल हैं। सैयदा अभी ऑस्ट्रेलिया में रह रही हैं और इस पंजी में अपने और अपने परिवार का नाम दर्ज कराने के लिए वापस भारत आने वाली हैं।

 

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सैयदा ने आस्ट्रेलिया में एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘यह निराशाजनक है कि मेरा नाम सूची में नहीं है। मैं अगस्त के आखिरी हफ्ते में असम लौटूंगी और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में अपना और अपने परिवार का नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरु करुंगी’’ तैमूर ने दिसंबर, 1980 से जून, 1981 तक राज्य सरकार की अगुवाई की थी। वह पिछले कुछ सालों से बीमार रही हैं और आस्ट्रेलिया में अपने बेटे के साथ रह रही हैं। 

 

 

 

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तैमूर ने दिसंबर, 1980 से जून, 1981 तक राज्य सरकार की अगुवाई की थी। साल 1988 में तैमूर राज्यसभा सदस्य बनीं थीं और साल 1972, 1978, 1983 और 1991 में कांग्रेस में रहते हुए राज्य विधानसभा में चुनी गईं थी। साल 2011 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर एआईयूडीएफ में जॉइन कर लिया था। वह पिछले कुछ सालों से बीमार रही हैं और आस्ट्रेलिया में अपने बेटे के साथ रह रही हैं।

तैमूर ने कहा कि उन्होंने अपने एक रिश्तेदार को एनआरसी में उनके परिवार को शामिल करने के लिए आवेदन जमा करने को कहा था, लेकिन यह किसी कारण से हो नहीं सका। इस बीच दिसपुर में राजधानी मस्जिद के समीप तैमूर का निवास खाली है। एनआरसी के फाइनल ड्राफ्ट से सैयदा अनवरा तैमूर का नाम गायब होने को लेकर एनआरसी अधिकारियों ने कहा, 'हमारे पास पूर्व मुख्यमंत्री के परिजनों का डेटा मौजूद नहीं है, जिसके कारण यह पता लगाना संभव नहीं है कि वह और उनके परिवार के सदस्यों ने एनआरसी ड्राफ्ट में नाम शामिल करने के लिए आवेदन किया था या नहीं।

असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मसौदे से कुल 3.29 करोड़ आवेदकों में से 40 लाख से ज्यादा लोगों को बाहर किए जाने से उनके भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है और साथ ही एक राष्ट्रव्यापी राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। नागरिकों की मसौदा सूची में 2.89 करोड़ आवेदकों को मंजूरी दी गई है। यह मसौदा असम में रह रहे बांग्लादेशी आव्रजकों को अलग करने का लंबे समय से चल रहे अभियान का हिस्सा है।