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India Ideas Summit: पीएम मोदी बोले- भारत में इंश्योरेंस, एविएशन, हेल्थ सेक्टर में निवेश के शानदार मौके

July 22nd, 2020 22:23 IST

हाईलाइट

  • पीएम मोदी ने इंडिया आइडियाज समिट को किया संबोधित
  • यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल के गठन के 45 वर्ष हुए पूरे
  • पीएम मोदी को अगले G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 'इंडिया आइडियाज समिट' को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने भारत में निवेश करने के फायदे गिनाए। उन्होंने कहा कि भारत में इंश्योरेंस, एविएशन, हेल्थ सेक्टर में निवेश के शानदार मौके हैं। यही नहीं भारत में निवेश का इससे अच्छा समय नहीं हो सकता। पीएम ने कहा कि हम सब इस बात पर सहमत हैं कि दुनिया को एक बेहतर भविष्य की जरूरत है और हम सभी को मिल कर भविष्य को आकार देना होगा। मैं पूरी निष्ठा के साथ भरोसा करता हूं कि भविष्य को लेकर हमारा दृष्टिकोण मुख्य रूप से मानव केंद्रित होना चाहिए। 

पीएम मोदी के संबोधन की अहम बातें

  • पिछले छह वर्षों के दौरान हमने अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक सुधार योग्य बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। इन सुधारों की वजह से प्रतिस्पर्धात्मकता, पारदर्शिता, डिजिटाइजेशन, इनोवेशनऔर पॉलिसी स्थिरता बढ़ी है।
  • भारत आपको स्वास्थ्य सेवा में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता है। भारत में हेल्थकेयर सेक्टर हर साल 22 प्रतिशत से भी अधिक तेजी से बढ़ रहा है। हमारी कंपनियां चिकित्सा-प्रौद्योगिकी, टेलीमेडिसिन और डाइग्नोसिस में भी प्रगति कर रही हैं।
  • भारत आपको रक्षा और अंतरिक्ष में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता है। हम रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए FDI कैप को 74% तक बढ़ा रहे हैं।
  • 2019-20 में भारत में FDI प्रवाह 74 बिलियन अमरीकी डॉलर था। यह पिछले वर्ष से 20% ज्यादा है। अप्रैल और जुलाई के बीच भारत ने 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का विदेशी निवेश आकर्षित किया है।
  • अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए किए गए कई प्रयास- उन्होंने कहा कि पिछले छह साल के दौरान हमने अपनी अर्थव्यवस्था को और विस्तृत करने के लिए और सुधार उन्मुख बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। इन सुधारों ने प्रतिस्पर्धा, पारदर्शिता, डिजिटाइजेश के विस्तार, नवीनता और नीति स्थिरता में वृद्धि को सुनिश्चित किया है। भारत अवसरों की भूमि के रूप में उभर रहा है। टेक सेक्टर का एक उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि हाल ही में एक रोचक रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें कहा गया था कि पहली बार भारत में ग्रामीण इंटरनेट यूजर्स की संख्या शहरी इंटरनेट यूजर्स से ज्यादा हुई है। 

  • ग्रामीण इंटरनेट यूजर्स की संख्या शहरी यूजर्स से ज्यादा हुई- प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत को लेकर पूरी दुनिया आशावादी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत खुलेपन, अवसरों और तकनीकी का बेहतरीन संगम उपलब्ध कराता है। मुक्त दिमाग से मुक्त बाजार बनते हैं और ये मुक्त बाजार समृद्धि लाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत आपको हेल्थकेयर में निवेश के लिए आमंत्रित करता है। भारत में हेल्थकेयर सेक्टर हर साल 22 फीसदी से भी ज्यादा रफ्तार से विकसित हो रहा है। 

  • नए विमान शामिल करने की तैयारी में भारतीय एयरलाइंस- उन्होंने कहा कि हमारी कंपनियां मेडिकल-टेक्नोलॉजी, टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक्स के उत्पादन में भी प्रगति कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सिविल एविएशन (नागरिक उड्डयन) बेहतर विकास की संभावनाओं वाला एक और क्षेत्र है। अगले आठ सालों में हवाई यात्रियों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। भारत की शीर्ष एयरलाइंस आने वाले दशक में एक हजार से भी ज्यादा नए विमानों को शामिल करने की तैयारी कर रही हैं। 

  • भारत में रक्षा और अंतरिक्ष में निवेश के लिए किया आमंत्रित- प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आपको रक्षा और अंतरिक्ष में निवेश के लिए आमंत्रित करता है। हम रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीए) पूंजी को 74 फीसदी तक बढ़ा रहे हैं। हमने रक्षा उपकरणों का उत्पादन प्रोत्साहित करने के लिए दो रक्षा गलियारों की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि 2019-20 में भारत में एफडीआई प्रवाह 74 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जो पिछले साल से 20 फीसदी ज्यादा है। अप्रैल और जुलाई के बीच भारत ने 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का विदेशी निवेश आकर्षित किया है।

वित्तमंत्री सीतारमण ने भी किया संबोधित 
समिट के दौरान वित्तमंत्री निर्मल सीतारण ने जहां भारत सरकार के हाल में घोषित आर्थिक पैकेज से उद्योग और कंपनी क्षेत्र को पहुंचाई गई राहत के बारे में बताया। वहीं, वाणिज्य मंत्री गोयल भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने तक एक प्रिफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट किए जाने की वकालत की।

भारत में 800 अमेरिकी कंपनियां
बता दें कि भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों का ग्राफ बीते कुछ दशकों में काफी तेजी से बढ़ा है। दोनों मुल्कों के द्विपक्षीय कारोबार का आंकड़ा करीब 150 अरब डॉलर है। आज भारत में जहां करीब 800 अमेरिकी कंपनियां मौजूद हैं। वहीं अमेरिका के सभी 50 राज्यों में भारतीयों कंपनियों की उपस्थिति है। भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में बीते कुछ सालों के दौरान करीब डेढ़ अरब डॉलर का निवेश किया है और लगभग 70 हजार अमेरिकियों को रोजगार भी दिए हैं।

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