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21 दिन गायब रही पाकिस्तान की पनडुब्बी, हमले की तैयारी में थी इंडियन नेवी


हाईलाइट

  • पाकिस्तान को सबक सिखाने वाली थी इंडियन नेवी
  • पाकिस्तानी समुद्री सीमा के नजदीक थी नौसेना
  • पाकिस्तानी पनडुब्बी की हो रही थी तलाश

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले के बाद इंडियन नेवी पाकिस्तान को सबक सिखाने वाली थी, जिसके लिए भारत ने नौसेना को युद्धाभ्यास से हटाकर पाकिस्तानी समुद्री सीमा के नजदीक लगा दिया था। 

भारतीय नौसेना की वॉर शिप पाकिस्तान की जल सीमा पर हमला करने तैयार खड़ी थीं, इन वॉर शिप में परमाणु हमला करने की क्षमता भी थी। दोनों देशों में तनाव बढ़ने के बाद इंडियन नेवी पाकिस्तान की सेना पर लगातार नजर बनाए हुई थी। 

दरअसल, पाकिस्तान के  बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की पनडुब्बी पीएनएस साद समु्द्र से अचानक गायब हो गई थी, जिसके बाद इंडियन नेवी हरकत में आ गई थी। नेवी ने मुंबई से लेकर गुजरात तक सटी समुद्री सीमा में इस पनडुब्बी की तलाश की थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक पीएनस साद सामान्य पनडुब्बियों की तुलना में ज्यादा समय तक पानी के अंदर रह सकती है। समुद्र में इसके लापता होने के बाद इंडियन नेवी सक्रिय हो गई थी। इसे आखिरी बार कराची के पास देखा गया था, जहां से पनडुब्बी को मुंबई पहुंचने में 5 दिन और गुजरात तट तक पहुंचने में 3 दिन का समय लगता। 

पीएनएस साद के गायब होने को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़े खतरे के तौर पर देखा जा रहा था, इसकी तलाश के लिए एयरक्राफ्ट और एंटी पनडुब्बी युद्धक पोत की तैनती की गई थी। इंडियन नेवी ने हर उस जगह पर पनडुब्बी की तलाश की, जहां तय समय में वह पहुंच सकती थी। यदि पीएनएस साद भारतीय क्षेत्र में दिखती तो नेवी हमले की तैयारी में थी। 
 
नौसेना ने नेवी का सहारा लेकर पूरे 21 दिनों में पनडुब्बी को ढूंढ निकाला। पीएनएस साद पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्से में मिली। बालाकोट हमले के बाद अरब सागर में भारत ने 60 युद्धपोतों की तैनाती की थी, जिसमें एक एयरक्राफ्ट करियार आईएनएस विक्रमादित्य भी शामिल था।

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