महाराष्ट्र निकाय चुनाव: कांग्रेस-बीजेपी के बीच टूटे गठबंधन से चढ़ा सियासी पारा! दोनों पार्टियों ने अपने स्तर पर लिए सख्त एक्शन

कांग्रेस-बीजेपी के बीच टूटे गठबंधन से चढ़ा सियासी पारा! दोनों पार्टियों ने अपने स्तर पर लिए सख्त एक्शन
कांग्रेस और भाजपा दोनों राजनीतिक दल हमेशा से एक-दूसरे पर आरोप लगाते आ रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में कुछ ऐसा देखने को मिला, जो अब तक के इतिहास में नहीं देखा गया है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कांग्रेस और भाजपा दोनों राजनीतिक दल हमेशा से एक-दूसरे पर आरोप लगाते आ रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में कुछ ऐसा देखने को मिला, जो अब तक के इतिहास में नहीं देखा गया है। वहां पर स्थानीय स्तर पर दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की खबर मिली, लेकिन इसके कुछ ही देर बाद यह टूट गया। इसके बाद कांग्रेस ने अपने नेताओं पर बड़ा एक्शन लिया है और इसी मामले में राज्य के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने भी आपत्ति जताई।

मिली जानकारी के मुताबिक, यह गठबंधन अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की पार्टी का खेल बिगाड़ने के लिए किया गया था, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से बीजेपी का सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच खटपट की खबरें देखने को मिल रही थीं।

कांग्रेस ने इस मामले में लिया एक्शन

गठबंधन की खबर मिलते ही कांग्रेस एक्शन मोड में नजर आई और अंबरनाथ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा स्थानीय इकाई को भी भंग कर दिया है। इसके अवाला कांग्रेस ने अंबरनाथ से जीते सभी 12 पार्षदों को भी सस्पेंड किया है।

इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, "कांग्रेस और बीजेपी के बीच कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है। लेकिन गठबंधन का गठन बिना इजाजत किया गया था, इसलिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।"

गठबंधन के मामले में CM ने दी प्रतिक्रिया

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी नेताओं की कड़ी आलोचना की है। यह अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन के आरोप में की है। इसके साथ उन्होंने कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इस प्रकार के गठबंधन बिना पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी से हुए हैं। इससे संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन हुआ है।

देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा, "मैं यह स्पष्ट कर रहा हूं कि कांग्रेस या AIMIM के साथ किसी भी तरह का गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा। अगर किसी स्थानीय नेता ने ऐसा फैसला अपनी मर्जी से लिया है, तो यह अनुशासन के विरुद्ध है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

Created On :   7 Jan 2026 6:26 PM IST

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