Maharashtra Politics: 'अगर आप हमारे साथ आते हैं, तो हम मिलकर...' अजित गुट नेता के ने बीजेपी पर साधा निशाना

अगर आप हमारे साथ आते हैं, तो हम मिलकर... अजित गुट नेता के ने बीजेपी पर साधा निशाना
फडणवीस सरकार में मंत्री अशीष शेलार ने आज मंगलवार अपने बयान में कहा कि बीजेपी अपने गठबंधन साझेदारों से हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदार सावरक के लिए सम्मान की अपेक्षा करती है।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इस बीच फडणवीस सरकार में मंत्री अशीष शेलार ने आज मंगलवार अपने बयान में कहा कि बीजेपी अपने गठबंधन साझेदारों से हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदार सावरक के लिए सम्मान की अपेक्षा करती है। उनके इस बयान पर एनसीपी गुट अजित पवार की तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आंबेडकरवादी विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबंद्धता को रेखांकित किया है।

चुनाव प्रचार के दौरान सावरकर का जिक्र करते हुए महायुति में शामिल दोनों देलों बीजेपी और एनसीपी के बीच खटपट देखने को मिली है। पुणे और पिंपरी चिंचवड निकाय चुनाव में अपने चाचा शहर पवार की एनसीपी से गठबंधन करने वाले अजित पवार नगर निकाय प्रशासन को लेकर बीजेपी के स्थानीय नेताओं के खिलाफ तीखा रुख अपनाए हुए हैं।

अशीष शेलार ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पर साधा निशाना

अशीष शेलार ने अपने बयान में कहा, "महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी सारवकर की विचारधारा का अनुसरण करती है और बीजेपी के सहयोगियों से भी उनके विचारों का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर आप हमारे साथ आते हैं, तो हम मिलकर काम करेंगे अगर नहीं आते हैं तब भी हम मिलकर काम करते रहेंगे। अगर आप हमारा विरोध करते हैं तो हम भी आपका विरोध करेंगे, लेकिन हमारा काम चलता रहेगा।" उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एनसीपी महायुकति में बीजेपी के सहयोग दल है।

बीजेपी पर एनसीपी गुट ने किए सवाल

एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और बीजेपी की इस जिद पर प्रश्न उठाया है कि अजित पवार और उनकी पार्टी को बीजेपी के वैचारिक नेतृत्व के तहत काम करना होगा।

अमोल मिटकरी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "केवल आप जानते हैं कि इस जोर-जबरदस्ती में कितनी सच्चाई है। फिलहाल मैं बस यही कहूंगा कि हम शिव-शाहू-आंबेडकर आंदोलन के प्रति प्रतिबद्ध थे, हैं और रहेंगे।"

उन्होंने आगे लिखते हुए कहा, "भले ही हम उस विचारधारा को स्वीकार नहीं करें, जिसे स्वीकार करने की आप अपेक्षा करते हैं, फिर भी यह अकाट्य सत्य है कि आपको हमारी पार्टी की आंबेडकरवादी विचारधारा न चाहते हुए भी स्वीकार करनी होगी।"

Created On :   6 Jan 2026 9:10 PM IST

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