दैनिक भास्कर हिंदी: कर्नाटक अपने राज्य के लिए अलग झंडे की जिद पर अड़ा

July 27th, 2017

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक में एक बार फिर 5 साल बाद राज्य के अपने झंडे की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने प्रदेश के लिए अलग झंडे की मांग करते हुए 9 सदस्यीय कमेटी बनाई है। इससे पहले 2012 में प्रदेश में इस तरह की मांग उठी थी, लेकिन उस समय BJP सरकार ने यह कहते हुए इसका कड़ा विरोध किया था कि यह कदम 'देश की एकता और अखंडता के खिलाफ है'।

यदि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अपनी मांग मनवाने में कामयाब रहे तो कर्नाटक आधिकारिक तौर पर अपना अलग झंडा रखने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा। अभी तक संविधान की अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को ही ये विशेष दर्जा हासिल है कि उसके पास खुद का झंडा है।

BJP कर रही है विरोध

कर्नाटक विधानसभा में 2012 में ये मुद्दा उठाया गया था तो उस समय के संस्कृति मंत्री गोविंद एम करजोल ने 'फ्लैग कोड का जिक्र करते हुए कहा था कि यह किसी भी राज्य में अलग झंडा की इजाजत नहीं देता। हमारा राष्ट्रीय झंडा देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक है। यदि राज्य का अलग झंडा होगा तो यह हमारे राष्ट्रीय झंडा का महत्व भी कम करेगा। ऐसा होने पर लोगों में प्रांतवाद की भावना को भी बढ़ावा मिलेगा।

अब जबकि राज्य के अलग झंडा के लिए कमेटी का गठन हो गया है, तब पूर्व सीएम और वर्तमान में भारत सरकार में सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने इस फैसले को पूरी तरह नकार दिया है। गौड़ा ने कहा कि भारत एक देश है और एक देश में दो झंडे नहीं हो सकते।