SIR List: चुनाव आयोग की रडार पर आए साउथ के फिल्मी सितारे और खिलाड़ी, महेश बाबू से लेकर साइना नेहवाल को जारी SIR नोटिस

चुनाव आयोग की रडार पर आए साउथ के फिल्मी सितारे और खिलाड़ी, महेश बाबू से लेकर साइना नेहवाल को जारी SIR नोटिस
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) का मुद्दा गरमा रहा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) का मुद्दा गरमा रहा है। इसके शिंकजे में अब शहर की कई नामचीन हस्तियां चुनाव आयोग के रडार पर आ रही है। इस लिस्ट में एक्टर महेश बाबू, फिल्म डायरेक्टर एसएस राजामौली, पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और बैडमिंडन खिलाड़ी साइना नेहवाल जैसे लोगों को एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजा जा रहा है। बता दें, यह पूरा मामला वोटर लिस्ट से संबंधित है। इसमें फिल्म, खेल और बिजनेस से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।

साउथ स्टार्स पर चुनाव आयोग को नोटिस

जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग की लिस्ट में महेश बाबू के साथ उनकी पत्नी नम्रता, एसएस राजामौली, वेंकटेश दग्गुबाती और उनकी बेटियां, समांथा रुथ प्रभु, विजय देवरकोंडा, आनंद देवरकोंडा, वीवीएस लक्ष्मण, मिताली राज, पुलेला गोपीचंद, साइना नेहवाल, मुरली कृष्ण प्रसाद दिवि और उपासना कोंडिडेला के नाम शामिल हैं। यानी यह लिस्ट सिर्फ फिल्मी सितारों तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें खेल और बिजनेस जगत के लोग भी हैं।

ऐसे में अब सवाल यह है कि इन लोगों को आखिर नोटिस क्यों भेजा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया वोटर लिस्ट को सही करने और उसे अपडेट करने के लिए चलाई जा रही है। कुछ मामलों में लोगों के नाम या उनके माता पिता के नाम में गड़बड़ी पाई गई है। कुछ लोगों का रिकॉर्ड पुराने SIR डेटा से मैच नहीं हो पाया है। वहीं कुछ मामलों में नोटिस भेजने की कोई खास वजह भी नहीं बताई गई है।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताई वजह

वहीं, दूसरी ओर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने भी साफ कर दिया है कि जिन लोगों को यह नोटिस मिला है वे खुद जाकर वेरिफिकेशन करा सकते हैं और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं। अगर किसी नाम में गलती है तो उसे ठीक भी कराया जा सकता है। जो लोग खुद मौजूद नहीं हो पाएंगे वे किसी और व्यक्ति को अपनी तरफ से सुनवाई में भेजने के लिए अधिकृत कर सकते हैं।

सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को वोट देने के अयोग्य घोषित कर दिया गया है या उसका वोटर रजिस्ट्रेशन कैंसल हो गया है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद यह पूरी कवायद जांच और सुधार की सामान्य प्रक्रिया में शामिल नहीं है।

Created On :   11 Sept 2026 7:41 PM IST

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