Uttar Pradesh News: बीएसपी प्रमुख मायावती ने रंग बदलने को लेकर सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना, बीजेपी ने किया समर्थन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले है। उससे पहले यूपी में पोशाक और उसके रंग को लेकर राजनीति होने लगी है। रंग की राजनीति को लेकर सपा-कांग्रेस पर बीएसपी और बीजेपी कई तरह के आरोप लगा रहे है। बीएसपी चीफ मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए सपा -कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियों पर निशाना साधा। मायावती ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सपा, कांग्रेस व अन्य विरोधी पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा बी.एस.पी. का शुरु से ही चला आ रहा नीला रंग अब यह इनके गले का गमछा व कपड़े पहनने से तथा स्टेज आदि में भी नीला कपड़ा इस्तेमाल करने से इनकी सर्वसमाज में से खासकर गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अन्य उपेक्षित वर्गों के प्रति वर्षों से चली आ रही इनकी जातिवादी, संकीर्ण, सामन्तवादी एवं पूँजीवादी सोच नहीं बदल सकती है तथा ना ही ये लोग दिल से अम्बेडकरवादी होने एवं कहलाने वाले हैं। इसीलिये ’बहुजन समाज’ के वास्तविक हित व कल्याण के प्रति पहले वे अपना दिल व दिमाग तो पाक-साफ करें।
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बीएसपी प्रमुख का कहना है कि ये लोग इन वर्गों के मामले में आए दिन गिरगिट की तरह ही रंग बदलते रहते हैं अर्थात् ये कहते कुछ हैं और करते उसके ठीक विपरीत हैं। खासकर इनके सपा के PDA के मामले में तो इनकी सोच, चाल, चरित्र व चेहरा आदि हमेशा दोगला व बईमान ही रहा है, जिसके अनेकों उदाहरण हैं, ये सभी जानते हैं। इसलिए इन वर्गों की एकमात्र हितैषी व अम्बेडकरवादी पार्टी केवल बी.एस.पी. ही है, जो सर्वविदित है।
पूर्व सीएम मायावती ने यहाँ यह भी उल्लेख किया कि अन्य पार्टियों की तरह बी.एस.पी. के जो भी लोग पार्टी में अनुशासनहीनता आदि के कारण समय-समय पर निष्कासित कर दिये जाते हैं तो वे अधिकतर इन्हीं सब कारणों से अब तक कई पार्टी बदल चुके हैं, जो किसी से छिपा नहीं है। इसी से ही अन्दाजा लगा लेना चाहिये कि ये लोग पूरे स्वार्थी व अवसरवादी हैं और वे किसी भी पार्टी के हित में नहीं हो सकते हैं। इतना ही नहीं बल्कि जिनको पार्टी से निकाल दिया जाता है तो उनमें से कुछ लोग दूसरी पार्टियों के हाथों में खेलकर छोटी-छोटी पार्टियाँ व संगठन आदि भी बना लेते हैं, जिनसे ’बहुजन समाज’ का सामूहिक हित नहीं हो सकता है, हालांकि ऐसी पार्टियाँ बिना किसी गठबन्धन के भी चुनाव नहीं लड़ सकती हैं तथा किसी भी पार्टी की सरकार बनने पर सरकार में शामिल हुये बिना भी नहीं रह सकती हैं, जो पार्टी से निकाले हुये लोगों को अक्सर अपनी पार्टी में लेने की बात करते हैं या उन्हें पार्टी बनाने की भी सलाह देते हैं, तो वे पहले अपने गिरेबान में भी झाँककर जरूर देख लें।
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मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कांग्रेस , जिन निकाले हुये लोगों को अपनी पार्टी में लेने की बात कर रही है, तो ऐसी पार्टी में जो डूबते जहाज की तरह है, उसमें भला कौन शामिल होकर अपने भविष्य को अन्धकार में डालेगा, जबकि खासकर इस पार्टी से दूरी बनाने के लिये बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर ने अपने जीते-जी बहुजन समाज के लोगों को अगाह (चेताया) भी किया था। इसलिये यह सब वर्तमान हालात में, पार्टी व मूवमेन्ट के हित में बी.एस.पी. के लोगों को जानना व समझना भी बहुत ज़रूरी है तो यह उचित होगा।
बसपा प्रमुख ने आगे कहा यहां यह भी बताना बहुत जरूरी है कि जिस दिन बी.एस.पी. ने अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी थी तो उस दिन इन्होंने इनके उपर काफी दबाव पड़ने के बावजूद भी अपने संन्यास लेने की घोषणा तब तत्काल नहीं की थी। क्योंकि उस दिन यह पूरी रातभर इसे रुकवाने के लिए किस्म -किस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करते रहे जिसमें कामयाबी नहीं मिलने पर, फिर मजबूरी में, अगले दिन यह सोच कर इनको लगभग प्रातः 6ः30 बजे अपने संन्यास की काफी किन्तु-परन्तु वाली घोषणा करनी पड़ी है, कि कहीं ज्यादा देरी होने पर और भी बड़ा नुकसान ना हो जाये, जिसके बारे में सही समय आने पर पार्टी के लोगों को और भी बहुत कुछ जरूर बताया जायेगा।
भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने सपा-कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों पर रंग बदलने के आरोपों को लेकर BSP प्रमुख मायावती के बयान का समर्थन करते हुए कहा, "समाजवादी कल तक लाल रंग वाली पार्टी थी और आज नीला रंग है। ये जो रंग बदलने का काम समाजवादी पार्टी कर रही है, वे कहीं न कहीं चुनाव के दौरान वोटर्स को प्रभावित करना चाहते हैं। केवल रंग बदलने से समाजवादी पार्टी को समर्थन नहीं मिलने वाला है। निश्चित तौर पर जनता समझ चुकी है कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया है। इससे साफ है कि भारत अब पीछे नहीं है। भारत दिशा देने वाला देश बन रहा है, नेतृत्व करने वाला देश बन रहा है।
Created On :   11 Sept 2026 4:45 PM IST











