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गर्मी की दस्तक के साथ 27 जलाशय सूखे, जल स्तर में गिरावट से पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा

गर्मी की दस्तक के साथ 27 जलाशय सूखे, जल स्तर में गिरावट से पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा

डिजिटल डेस्क, सिंगरौली (वैढ़न)। गर्मी के शुरूआती दौर में शहरी क्षेत्र ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी जलसंकट गहराने लगा है। ऐसे में बड़े के साथ 27 जलाशयों के एक साथ सूख जाने से सिंगरौली में भीषण जल संकट ने दस्तक दे दी है। हालात यह है कि इन जलाशयों में पानी अब डेड लेवल पर पहुंच गया है। इनमें से अधिकांश जलाशयों का निचला हिस्सा भी सूख गया है। जलाशयों का कैचमेंट एरिया देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि इनमें कभी पानी रहा होगा। जल संसाधन की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018-19 जिले में महज 912 मिली मीटर न्यूनतम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। औसत से कम वर्षा के चलते जलाशयों में पर्याप्त मात्रा में पानी का भराव नहीं हो पाया था। जलभराव की कमी के चलते जिले के 27 जलाशय जलस्तर की लिमिट को क्रॉस नहीं कर पाए थे। इसी के चलते मार्च माह में ही जलाशयों में वाटर लेबल नीचे खिसक गया है।

अफसरों की लापरवाही ने बढ़ाया संकट-
जानकार बताते हैं कि जलाशयों में पानी के भराव में कमी के पीछे जल संसाधन विभाग की लापरवाही होना बताया जा रहा है। बताया जाता है कि नहरों के पुरानी और जर्जर होने की वजह से भी जलाशयों के पानी की बर्वादी हुई है। इसके साथ ही जलाशयों के समय पर गेट लॉक नहीं होने के साथ रिसाव भी जल स्तर में गिरावट का अहम कारण बताया जा रहा है। बहरहाल जलाशयों के सूखने से जिले में आसपास का वाटर लेबल तेजी से खिसकने के साथ आम निस्तार के लिये पानी की चौतरफा मारामारी मचने लगी है। जलाशयों में अव्यवस्था से सबक लेते हुए जलसंसाधन विभाग ने नहर और गेट की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। इसके चलते मानसून में डैम में पूर्ण भराव होने की जलसंसाधन विभाग द्वारा उम्मीद जताई जा रही है।

8 बड़े डैम ने भी किया निराश-
जिले के 8 बड़े डैम में इस साल गर्मी की दस्तक के साथ ही लोगों को निराश कर दिया है। चालू माह की स्थित पर गौर करें तो उमरहार, बलिया, चितरंगी, काचन, अहिलो, पिपरा, गर्रा और पडऱी में आम निस्तार के लिए पानी नहीं बचा है। बताया जाता है कि मानसून काल में जलाशयों में पूर्ण में पूर्ण भराव नहीं हो पाया था। बड़े डैम की क्षमता से जलाशयों में न्यूनतम जल भराव होने के कारण शुरूआती गर्मी में ही जबाव दे दिया। जबकि कुछ जलाशयों उचित प्रबंधन की कमी के चलते भराव के साथ ही डैम खाली हो गये थे।
 जलाशयों की वर्तमान स्थिति
जलाशय               पूर्ण जल स्तर          वर्तमान में वॉटर लेबल

उमरहार                361 .00                 0 . 06
बलिया                  324 .540               0 .220
चितरंगी                310 .300               0 .020
काचन                  347 .770               2.600
अहिलो                  341 .250              0 .125
पिपरा                   321 .85                0 .02
गर्रा                      302 .740              0 .330
पडऱी                     249 .50                0 .13
नोट- जल स्तर के आंकड़े मिलियन क्यूबिक मीटर में।
इनका कहना है-
मानसून से पहले जिले के जलाशयों की मरम्मत कराई जा रही है। जलाशयों में कम भराव होने के कारण बड़े और छोटे डैम सूख गये हैं।    
रामावतार कौशिक, कार्यपालन यंत्री ,जलसंसाधन विभाग

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