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आयुर्वेद कॉलेज डीपीडीसी में शामिल, अब होगा तेजी से विकास

March 11th, 2019 17:09 IST
आयुर्वेद कॉलेज डीपीडीसी में शामिल, अब होगा तेजी से विकास

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  आयुर्वेद कॉलेज को अब डीपीडीसी में शामिल किया गया है। डीपीडीसी से निधि मिलने पर विकास को गति मिलेगी। अनेक वर्षों के प्रयास के बाद पहली बार यह कदम उठाया गया है। कॉलेज प्रशासन की ओर से 200 करोड़ के विकास कार्यों का प्रारूप जिलाधिकारी को सौंपा गया है। डीपीडीसी के माध्यम से पांच वर्ष में आयुर्वेद कॉलेज का कायापलट हो सकता है।

नागरिकों का रुझान बढ़ रहा 
डीपीडीसी के माध्यम से मेडिकल कॉलेज, मेयो, डेंटल कॉलेज तथा डागा अस्पताल को विविध विकास कार्यों के लिए जिला नियोजन विकास समिति यानी डीपीडीसी के माध्यम से करोड़ों रुपए निधि दिया जाता है, परंतु आयुर्वेद कॉलेज का डीपीडीसी में समावेश नहीं रहने से सरकारी निधि पर निर्भर रहा है। आयुर्वेद की ओर नागरिकों का रुझान बढ़ रहा है। पहले के मुकाबले आयुर्वेद कॉलेज में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। पर्याप्त निधि नहीं मिल पाने से मरीजों को अपेक्षित सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसे पूरा करने के लिए ऑयुर्वेद कॉलेज को डीपीडीसी में शामिल करने की मांग प्रशासन करता रहा। डीपीडीसी के सदस्य सचिव जिलाधिकारी हैं। उन्होंने आयुर्वेद कॉलेज प्रशासन की मांग को सकारात्मक प्रतिसाद देकर डीपीडीसी में शामिल किया है। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी आयुर्वेद का साथ देने की हामी भरी है। अधिष्ठाता डॉ. गणेश मुक्कावार ने बिना समय गंवाए 5 वर्ष के लिए 200 करोड़ का विकास प्रारूप तैयार कर जिलाधिकारी को सौंप दिया।

पंचकर्म विभाग को मिले 30 लाख
आयुर्वेद कॉलेज का पहली बार डीपीडीसी में समावेश कर पंचकर्म विभाग के लिए 30 लाख रुपए निधि मंजूर किया गया है। 31 मार्च तक यह निधि खर्च किया जाएगा। पहले माले पर अत्याधुनिक पंचकर्म विभाग निर्माण किया जाएगा। स्त्री व पुरुष विभाग में प्रति दिन 500 नागरिक पंचकर्म कर सकेंगे। 

निर्माणकार्य विभाग को दिया एस्टीमेट
डीपीडीसी की सूचना पर विकास कार्यों का एस्टीमेट निर्माणकार्य विभाग को दिया गया है। निधि आवंटित होने पर विकास कार्यों की शुरुआत की जाएगी। डीपीडीसी में समावेश किए जाने से आयुर्वेद कॉलेज के विकास को गति मिलेगी।
-डॉ. गणेश मुक्कावार, अधिष्ठाता, आयुर्वेद कॉलेज

विकास प्रारूप में अपेक्षित सुधार
-बाह्य रुग्ण इमारत का नवीनीकरण
-130 बेड का इमारत निर्माणकार्य
-अंतर्गत रास्तों की पुनर्रचना
- विद्युत ट्रांसफार्मर का स्थानांतरण
-नया इमर्जेंसी ग्रिड ट्रांसफार्मर 
- ईएसआर सिस्टम की स्थापना
-  ईटीपी व एसटीपी प्लांट इंस्टालेशन
- लीनेर वॉशिंग सेक्शन
- दिव्यांगों के लिए स्वतंत्र स्वच्छता गृह
-विविध क्लीनिकल यंत्र सामग्री
-  फर्नीचर खरीदी
-लिफ्ट की सुविधा
-स्टोर का नवीनीकरण
-लखिना पैटर्न पर कार्यालय का नवीनीकरण
-अंतर रुग्ण कक्ष मे कार्ट यार्ड आदि शामिल है।

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