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सीबीएसई ने बदला पैटर्न : मेन से पहले वोकेशनल सब्जेक्ट्स की एग्जाम

November 21st, 2018 16:04 IST
सीबीएसई ने बदला पैटर्न : मेन से पहले वोकेशनल सब्जेक्ट्स की एग्जाम

डिजिटल डेस्क, नागपुर। स्टूडेंट्स के लिए सीबीएसई एग्ज़ाम बदले पैटर्न पर होगी। बोर्ड ने स्टूडेंट्स को राहत देने वाले कुछ बदलाव एग्ज़ाम पैटर्न में किए हैं। ऑप्शनल सब्जेक्ट के पेपर अब मुख्य विषयों से पहले होंगे। वहीं ऑप्शन वाले सवालों की संख्या में भी बदलाव किया गया है। अब पांच के बजाय स्टूडेंट्स को 11 सवालों में ऑॅप्शन मिलेंगे। इन बदलावों का सबसे बड़ा फायदा कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम्स में अपीयर होने वाले स्टूडेंट्स को मिलेगा। 

बोर्ड ने इस बार एग्ज़ाम पैटर्न में जो बदलाव किए हैं वो स्टूडेंट्स के लिहाज़ से बहुत महत्वपूर्ण हैं। पहला बदलाव इसलिए अहम है क्योंकि ये स्टूडेंट्स के मन से एग्ज़ाम का प्रेशर कम करेगा। पहले पांच अंकों वाले सवालों में ऑप्शन दिए जाते थे। तीन या चार अंक के लिए सिर्फ मुश्किल सवालों में ऑप्शन होते थे। एक और दो अंक के सवालों में सामान्य तौर पर ऑप्शन नहीं होते थे। अब बोर्ड कम अंक वाले सवालों में भी ऑप्शन देगा। पांच अंक के लिए दिए जाने वाले सवाल भी तीन या चार होते थे। इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इससे स्टूडेंट्स पेपर देखते ही टेंशन में नहीं आएंगे। दूसरा बदलाव ऑप्शनल सब्जेक्ट्स की एग्ज़ाम फरवरी में लेने के रूप में किया गया है। इससे एग्ज़ाम का ड्यूरेशन कम हो जाएगा। पहले स्टूडेंट्स अप्रैल के आखिर तक ऑप्शनल सब्जेक्ट की एग्ज़ाम देते थे। इससे उन्हें कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था। रिज़ल्ट में देरी होने की वजह से कॉलेज की एडमिशन प्रोसेस में भी देर से शामिल हो पाते थे। 

कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम में मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
बोर्ड के इन बदलावों का सबसे ज्यादा फायदा जेईई और नीट जैसी कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम देने वाले स्टूडेंट्स को मिलेगा। ऑप्शनल सब्जेक्ट की एग्ज़ाम का असर जेईई और नीट के एस्पिरेंट्स पर पड़ता था। पिछले साल 10 अप्रैल को जेईई मेन के पेपर के ठीक एक दिन पहले बोर्ड ने फिजि़कल एजुकेशन का पेपर रखा था। कई स्टूडेंट्स ने बोर्ड को ई-मेल के ज़रिए आपत्ति जताई तो पेपर 13 अप्रैल को रखा गया। ऑप्शनल सब्जेक्ट की एग्ज़ाम यदि फरवरी में होती है तो 20 मार्च तक मुख्य विषयों की परीक्षा खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स के पास जेईई के रिविजऩ के लिए 20 से 25 दिन मिलेंगे। ये निश्चित रूप से उनका परफॉर्मेंस सुधारेंगे। 

रिज़ल्ट भी जल्द घोषित हो सकेगा
एक्सपर्ट के अनुसार बदलाव के कारण बोर्ड एग्ज़ाम्स जल्दी खत्म होंगे। इससे रिज़ल्ट भी जल्दी घोषित हो सकेगा। पिछले कई सालों में देर से रिज़ल्ट आने के कारण स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन के लिए कई कॉलेज में अप्लाय ही नहीं कर पाते थे। विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स को भी इसकी वजह से समस्या का सामना करना पड़ता था
 

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