comScore

फर्जी दस्तावेज से बिजनेस पार्टनर से धोखाधड़ी

फर्जी दस्तावेज से बिजनेस पार्टनर से धोखाधड़ी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। फर्जी दस्तावेज से बिजनेस पार्टनर से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मामला पार्टनरशिप में कारखाना संचालित करने का है।  पार्टनर से ही एक व्यक्ति ने 85 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। जब कारखाना संचालित नहीं किया गया, तो पीड़ित ने अपने रुपए वापस मांगे। उसके बाद आरोपी ने उसे प्लाट और कारखाने को बेच कर रुपए लौटाने का झांसा दिया। इसके बाद उसके फर्जी दस्तावेज बनवा कर पीड़ित को दिया गया। इसका खुलासा होने पर तहसील थाने में प्रकरण दर्ज कर अपराध शाखा के आर्थिक विभाग को इसकी जांच सौपी गई है। 

सुझाव अच्छा लगा तो बना पार्टनर
पीड़ित व्यापारी टिमकी निवासी नवीन रतनलाल पुरी (39) है, जबकी आरोपी पार्टनर राजेश हीरालाल नैकले, सीए रोड स्थित सेवा सदन चौक निवासी है। वर्ष 2014 में राजेश ने नवीन को बताया कि वह बुटीबोरी से प्लास्टिक का कारखाना संचालित करना चाहता है। इसमें बहुत लाभ होने से नवीन को पार्टनर बनने के लिए कहा। सुझाव अच्छा लगने से नवीन पार्टनर बनने के लिए तैयार हो गया। 18 नवंबर 2014 से 11 मई 2019 के बीच में किश्तों में कुल 85 लाख रुपए राजेश को कारखाना स्थापित करने के लिए दिए गए, मगर राजेश ने कारखाना संचालित नहीं किया और नवीन को भी नहीं करने दिया। 

रुपए मांगने पर बनाया बहाना
13 फरवरी 2017 को नवीन ने अपने रुपए राजेश से वापस मांगे। इसके लिए राजेश ने नया बहाना बनाया। कारखाना तथा प्लॉट बिक्री कर नवीन को उसकी रकम वापस करने का झांसा दिया। बिक्री का सौदा होने के दस्तावेजों की जेरॉक्स कॉपी भी नवीन को दी गई थी। बाद में पता चला कि बिक्री का सौदा भी फर्जी था। सिर्फ नवीन को दिखाने के लिए वह फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे। रकम वापस करने के लिए राजेश का टालमटोल रवैया होने से मामले की संबंधित थाने में शिकायत की गई। जांच-पड़ताल के दौरान भी नवीन के साथ धोखाधड़ी होने की पुष्टि हुई है। शनिवार को तहसील थाने में प्रकरण दर्ज िकया गया है। मामला लाखोें रुपए के लेन-देन से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच अपराध शाखा के आर्थिक विभाग को सौंपी गई है। जांच जारी है। 
 

कमेंट करें
c2LVX