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सरहद ने बांट दिया परिवार - भारत वापस आना चाहता है चीनी युद्धबंदी सैनिक


डिजिटल डेस्क,बालाघाट। दो देशों की सरहद ने यहां के एक परिवार को दो हिस्सों में बांट दिया है । परिवार का मुखिया चीन में है और उसका पूरा परिवार यहां बालाघाट में है । दोनों हीे एक दूसरे से मिलने छटपटा रहे हैं। ये पूरी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है । इस वास्तविक पटकथा का मुख्य पात्र देश में आया तो था 1963 में एक चीनी युद्ध बंदी की तरह लेकिन उस ने भारत को ही अपना घर बना लिया । 56 सालों तक यहां बिना वीसा और बिना किसी सरकारी पहचान के रहा, इस दौरान अपने घर और देश की याद आने पे वह लगातार वहां जाने संघर्ष करता रहा । मीडिया द्वारा मामले को उठाए जाने पर उसे दोनों देशों की सरकार ने चीन जाने की अनुमति दी। अनुमति मिलते ही वांग ची नाम का यह शख्स खुशी खुशी अपनी मातृभूमि चीन चला गया ।

यह है पूरी कहानी 

1963 में वांग ची भारत की सीमा में दाखिल हो गया था जिसे भारत की सेना ने पकड़ लिया था। बिना किसी कागजात के भारत में घुसने के कारण उस पर जासूसी का मुकदमा चलाया गया। करीब 6-7 सालों तक वे भारत की अलग-अलग जेल में रहे। इसके बाद से ही वो बालाघाट के तिरोड़ी गांव में रह रहे थे। वांग ची के परिवार में उसका एक बेटा बहु,दो बेटिया, नाती, है। पत्नि का करीब 1 साल पहले की देहांत हो चूका है। करीब 80 साल के वांग ने चीन जाने की कई बार कोशिश की, लेकिन हर बार उन्हें वीजा नहीं मिल पा रहा था। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की मदद के बाद 2017 में वांग को चीन जाने की अनुमति मिली। वांग के साथ उनके बेटे और बेटियां भी चीन जाकर आ चुके है। उधर वांग के परिवार वाले चीन में काफी समय से उनका इंतजार कर रहे थे और जब मिले तो आंसुओं को रोक नहीं सके।

2017 में चीन जाने के बाद वांग ची वापस भारत आ गये । उसके बाद वे दुबारा अकेले ही चीन गये थे। इस बीच उनका दो बार पासपोर्ट भी रिनीवल हो चुका है। लेकिन साल 2019 में उन्होंने दुबारा भारत आने के लिए भारतीय दूतावास में वीजा के लिए एप्लाई किया था पर उनका वीजा नही बन पा रहा है।वांच ची ने वीड़ियों कॉलिंग में बात करते हुये अपना दर्द बया करते हुये बताया कि पहले उसे अपने वतन चीन जाने के लिए 54 साल तक के लिए लड़ाई लड़नी पड़ी। उसके बाद वो अपने वतन चीन में अपने परिवार से मिला। अब वो भारत में रह रहे परिवार के पास वापस आना चाहता है लेकिन उसे भारत आने के लिए वीजा नही दिया जा रहा है। उसने भारत सरकार से मांग की है कि उसे 5 साल का मल्टीवीजा दिया जाये ताकि वो बे रोक टोक आना जाना कर सकें।

इनका कहना है

वांग ची का परिवार जहा उनके इंतजार में है वहीं यहां का प्रशासन भी इस के लिए प्रयास कर रहा है कि उन्हें किसी तरह घर वापसी के लिए वीसा मिल जाए।

दीपक आर्य, कलेक्टर बालाघाट
 

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