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दैनिक भास्कर स्मार्ट नागपुर स्मार्ट फोटोग्राफ के प्राइज बांटे, तस्वीरों की लगाई प्रदर्शनी

November 24th, 2018 00:13 IST
दैनिक भास्कर स्मार्ट नागपुर स्मार्ट फोटोग्राफ के प्राइज बांटे, तस्वीरों की लगाई प्रदर्शनी

डिजिटल डेस्क,नागपुर। कुछ युवा बेस्ट तस्वीरों के साथ सेल्फी लेते हुए नजर आए, तो कुछ किस तस्वीर में और क्या काम किया जा सकता था, इस बात पर चर्चा कर रहे थे। वहीं पुरस्कृत युवा अपनी तस्वीर को देखकर उस समय को याद कर रहे थे जब तस्वीर लेते समय वे किस मूड में थे, साथ ही तस्वीर लेने में उन्हें कितना समय लगा। यह सारा नजारा दैनिक भास्कर "स्मार्ट नागपुर स्मार्ट फोटोग्राफ' के पुरस्कार वितरण समारोह में देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन गीता मंदिर सुभाष रोड में किया गया। इस दौरान चुनिंदा तस्वीरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ फोटोग्राफर जयंत हरकरे, संजीव गांगुली, प्रमुख अतिथि शरद बागडी, गीता मंदिर के माधवानंद महाराज मंच पर उपस्थित थे।

फोटोग्राफी को माना अहम
कार्यक्रम में फोटोग्राफी कॉन्टेस्ट के निर्णायक वरिष्ठ फोटोग्राफर जयंत हरकरे ने बताया कि पहले फोटोग्राफी छंद था, लेकिन अब व्यवसाय बन चुका है। तस्वीर खुद ही बोलती है। सही फोटोग्राफी वही है, जिसे समझाने की जरूरत न हो। फोटोग्राफी में समय का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। जीवन में तस्वीरें यादों को ताजा करती हैं। फोटोग्राफी की खासियत होती हैं तस्वीरें, क्योंकि जो भी बोलती हैं, वो तस्वीरें ही बोलती हैं। निर्णायक संजीव गांगुली ने कहा कि फोटोग्राफी एक लैंग्वेज है। पहले के समय की और आज के समय की फोटोग्राफी में काफी अंतर है। अब नई नई टेक्नोलॉजी आ गई है, साथ कैमरे भी बहुत एडवांस आने लगे हैं। इसलिए फोटोग्राफी का स्वरूप बदल गया है। प्रमुख अतिथि फाइनेंस कंसलटेंट शरद बागडी ने कहा कि तस्वीरें हमारी यादें होती हैं। आज भी मेरे पास पुरानी फोटो का संग्रहण है। मुझे याद है, एक बार हम श्रद्धानंद अनाथ आश्रम के बच्चों को एयरपोर्ट ले गए थे और बच्चों को पहली बार विमान देखने की जो खुशी थी उनके हाव-भाव और खुशी को अपने कैमरे में कैद किया था। ऐसी बहुत सारी पुरानी फोटोज का कलेक्शन मेरे पास है। गीता मंदिर के माधवानंद महाराज ने सभी को बधाई दी और मीडिया में फोटोग्राफी की अहम भूमिका के बारे में जानकारी दी। 

इंटरनेट है मेरा गुरु
फोटोग्राफी सीखने में इंटरनेट मेरा गुरु है। मैंने फोटोग्राफी की तकनीक और बारीकियां इंटरनेट से सीखी है। मुझे वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी पसंद है। मैंने 2015 से फोटोग्राफी शुरू की है। फोटोग्राफी करने वाले युवा दोस्तों से मेरा कहना है कि फोटोग्राफी में धैर्य और एकाग्रचित की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। मेरी गोरेवाड़ा मेम ली हुई पिक को प्रथम पुरस्कार मिला है। इसके लिए मैंने बहुत मेहनत की। साथ ही बहुत समय भी देना पड़ा, तभी मुझे बेहतरीन क्लिक मिला पाया है। 
मितुल तिवारी, प्रथम विजेता

ये रहे विजेताओं के नाम
प्रथम मितुल तिवारी, द्वितीय अक्षत मदावी, ऋषि खखोर्डिया, तृतीय फरदीन शेख, वैभव आगलावे, सात्वंना पुरस्कार निकिता लेंडे, निहाल धर्मारी, नीता पटेल, गोविंद मस्के, अनुज शर्मा, ओम दवालेकर, प्रतीक खोब्रागडे, अयाज दीवान, एलेक्स कांबले, प्राचल लामपुसे आदि। 
 

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