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नितिन गडकरी की घोषणा बेअसर, टोल नाका बंद तो दूर किराया ही बढ़ गया

नितिन गडकरी की घोषणा बेअसर, टोल नाका बंद तो दूर किराया ही बढ़ गया

डिजिटल डेस्क , नागपुर।  मनसर टोल नाका पर लगने वाला टोल बढ़ जाने से रामटेक गढ़ मंदिर जाने वालों को महंगाई की और एक मार पड़ रही है। पिछले साल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मनसर टोल नाका  हटाकर अन्यत्र ले जाने की घोषणा की थी। रामटेक गढ़ मंदिर जानेवाले भक्तों के लिए यह बड़ी राहत थी। मंत्री की घोषणा के बाद भी टोल नाका तो हटा नहीं, उल्टे 1 अप्रैल से वाहनों पर लगने वाला टोल बढ़ गया है। पहले कार के लिए (आना-जाना) 180 रुपए लगते थे, अब 195 रुपए टोल के रूप में लग रहे हैं।  

यह है पूरा मामला
नागपुर व आसपास से बड़ी संख्या में लोग हर दिन रामटेक गढ़ मंदिर जाते हैं। रामनवमी के दिन गढ़ मंदिर में लाखों भक्त  रामलला के दर्शन करने जाते हैं। गत वर्ष केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने भक्तों को राहत देते हुए मनसर टोल नाका वहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने की घोषणा की थी। यह काम शीघ्र ही होने का भरोसा भी दिया था। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले समेत लोगों ने मंत्री गडकरी का आभार माना था। लगभग एक साल हो गया, लेकिन अभी तक मनसर टोल नाका जहां था वहीं है।

1 अप्रैल से बढ़ गया टोल
उल्टे 1 अप्रैल से टोल बढ़ गया है। कार का टोल (आना-जाना) 180 से बढ़कर 195 रुपए व ट्रक का टोल 565 से बढ़कर 605 रुपए हो गया है। 13 अप्रैल रामनवमी के दिन सुबह से देर रात तक गढ़ मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ था। सभी को नए रेट के हिसाब से टोल भरना पड़ा। टोल नाका यहां से आगे बढ़ जाता तो लाखों भक्तों को टोल से निजात मिल जाती। दरअसल जिस जगह टोल नाका है, वहीं से भक्तों को गढ़ मंदिर जाना पड़ता है। गढ़ मंदिर व मनसर का फासला मुश्किल से 10 किमी है। यहां के लोगों को भी टोल का कहर झेलना पड़ता है।

टोल प्लाजा प्रशासन का तर्क
इस संबंध में मनसर टोल प्लाजा से संपर्क करने पर बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचए) ने 1 अप्रैल से टोल रेट में वृद्धि की है। यह वृद्धि देश भर के टोल में हुई है। जब तक यहां टोल है, तब तक यहां से जानेवालों से टोल वसूला जाएगा। टोल नाका यहां से कब हटेगा, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

वादे पर शीघ्र अमल करे सरकार
इधर, संजय खोब्रागडे ने कहा कि केवल मंदिर जानेवालों से इतना टोल वसूलना ठीक नहीं है। मंदिर जाने के लिए यही मार्ग है। यह नाका यहां से तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट होना चाहिए। सरकार ने जो वादा किया, उस पर शीघ्र अमल होना चाहिए। संजय खुद परिवार के साथ रामनवमी के दिन रात को कार से गढ़ मंदिर दर्शन के लिए गए थे। 

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