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मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रेटिंग घटाई, कहा पहले के मुकाबले बढ़ा जोखिम 

मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रेटिंग घटाई, कहा पहले के मुकाबले बढ़ा जोखिम 

हाईलाइट

  • मूडीज ने भारत की सुस्त अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अनुमान व्यक्त किया है
  • मूडीज के अनुसार पहले के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में जोखिम बढ़ा है
  • NBFC वित्त संकट के कारण सुस्ती के लंबे समय तक रहने की संभावना है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मंदी का सामना कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अब तक कई तरह के सर्वे सामने आ चुके हैं। वहीं क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और नकारात्मक खबर दी है। दरअसल मूडीज ने भारत की सुस्त अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा अनुमान व्यक्त करते हुए भारत की रेटिंग घटा दी है। 

अर्थव्यवस्था में बढ़ा जोखिम
मूडीज का कहना है कि पहले के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में जोखिम बढ़ गया है, इसलिए उसने रेटिंग घटाई है। मूडीज का कहना है कि पहले के मुकाबले ग्रोथ की रफ्तार कम रहेगी। मूडीज का अनुमान है कि मार्च 2020 में खत्म होने वाले वित्त वर्ष के दौरान बजट घाटा जीडीपी का 3.7% रह सकता है, जिसका टारगेट 3.3 पर्सेंट रखा गया था।

इसलिए बनी ये संभावना
मूडीज ने भारत के लिए Baa2 विदेशी मुद्रा और स्थानीय-मुद्रा दीर्घकालिक जारीकर्ता रेटिंग की पुष्टि की करते हुए कहा है कि धीमी अर्थव्यवस्था को लेकर जोखिम बढ़ रहा है। ऐसे में कर्ज का भार धीरे-धीरे बढ़कर ज्यादा हो सकता है। मूडीज के अनुसार, ग्रामीण परिवारों को लंबे आर्थिक संकट, रोजगार के कम नए मौके और NBFC वित्त संकट के कारण सुस्ती के लंबे समय तक रहने की संभावना बन रही है।

सरकार का लक्ष्य
वहीं दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार ने साल 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्‍य रखा है। सरकार इसे हासिल करने के लिए जीडीपी ग्रोथ बढ़ाने पर जोर दे रही है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके लिए लगातार कई साल तक सालाना 9 फीसदी की ग्रोथ रेट होना जरुरी है।

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