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एक युवक के ऑर्गन से 3 लोगों को मिला जीवनदान

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 04th, 2018 14:17 IST

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एक युवक के ऑर्गन से 3 लोगों को मिला जीवनदान

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मेडिकल हब बनी उपराजधानी ऑर्गन डोनेट और इससे जीवनदान देने में भी आगे है। एक्सीडेंट का शिकार हुए अपने इकलौते बेटे का अंगदान कर तीन लोगों को जीवनदान देने का कार्य गरीब परिवार ने जोनल ट्रांसप्लांट को-आॅर्डिनेशन कमेटी (जेडटीसीसी) की मदद से किया।कंपनी से काम कर लौट रहा एक युवक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया, लेकिन उसे क्या मालूम था कि, वह अब अपने घर नहीं पहुंचेगा। दुर्घटना के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसी दौरान घर देरी का कारण पूछने के लिए पिता ने फोन किया तो डॉक्टरों ने उन्हें दुर्घटना की जानकारी दी। उपचार के दौरान मरीज का ब्रेनडेड हो गया। डॉक्टरों ने पिता को अंगदान की जानकारी दी तो पिता ने कलेजे पर पत्थर पर रखकर इकलौते बेटे के अंगदान करने का निर्णय लिया, इससे 3 मरीजों को जीवनदान मिल गया।

सतीश के सिर में आयी थी गंभीर चोट
जानकारी के अनुसार भंडारा जिले का साकोली निवासी सतीश बोपचे (27) अपने दोपहिया वाहन से 27 नवंबर को कंपनी में काम करने के बाद घर लौट रहा था। तभी भंडारा-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना में उसके सिर में गंभीर चोट आई। पुलिस ने उसे तत्काल लकड़गंज स्थित न्यू ईरा अस्पताल में भर्ती करवाया। इस बीच देरी का कारण पूछने के िलए पिता नारद बोपचे ने फोन किया तो डॉक्टरो ने बताया कि, दुर्घटना होने के कारण सतीश अस्पताल में भर्ती है। न्यूरो सर्जन डॉ. नीलेश अग्रवाल, हार्ट सर्जन डॉ. आनंद संचेती, डॉ. पराग मून, डॉ. अमोल कोकस, डॉ. साहित बंसल ने  1 दिसंबर को उपचार के दौरान मरीज का ब्रेनडेड घोषित कर दिया।

परिवार की चला रहा था जीविका
आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिवार के भरण-पोषण के लिए क्रेन चलाकर जीविका चलाने वाले बेटे का ब्रेनडेड होने की खबर सुनते ही पिता पर पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन चिकित्सकों की सलाह पर कलेजे पर पत्थर रखकर पिता नारद बोपचे व चाचा हेमराज रहांगडाले ने अंगदान करने का निर्णय लिया। लिवर प्रत्यारोपण डॉ. राहुल सक्सेना के नेतृत्व में डॉ. वुरण महाबलेश्वर, डॉ. अमित देशपांडे, डॉ. राजीव सिन्हा, डॉ. अश्विनी चौधरी की टीम ने किया, जबकि किडनी प्रत्यारोपण डॉ. अमित देशपांडे, डॉ. रवि देशमुख, डॉ. एस.जे. आचार्य, डॉ. रोहिणी गुप्ता, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. रोहिणी गुप्ता, डॉ.सविता जायस्वाल शामिल थे।

तीन मरीजों को लिवर, किडनी प्रत्यारोपित
अंगदान के निर्णय के बाद मरीज का लिवर न्यू ईरा हॉस्पिटल में भर्ती 29 वर्षीय पुरुष मरीज को प्रत्यारोपित किया गया जबकि किडनी एक 53 वर्षीय पुरुष को प्रत्यारोपित की गई। वहीं दूसरी किडनी वोक्हार्ट में 58 वर्षीय पुरुष को दी गई।

जेडटीसीसी का 40वां अंगदान
जोनल ट्रांसप्लांट को-आॅर्डिनेशन कमेटी (जेडटीसीसी) के प्रयास से नागपुर में 40वां सफल अंगदान किया गया। जेडटीसीसी नागपुर की अध्यक्ष डॉ. विभावरी दाणी, सचिव डॉ. रवि वानखेड़े के नेतृत्व में यह कार्य किया गया। 
 

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