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पुलवामा की घटना प्रॉक्सी वॉर इसे संभलकर डील करना होगा – निकम

March 09th, 2019 17:24 IST
पुलवामा की घटना प्रॉक्सी वॉर इसे संभलकर डील करना होगा – निकम

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देश में हुई दु:खद पुलवामा घटना 'प्रॉक्सी वॉर' है। हमें इससे डील करते वक्त संभल कर कदम उठाने होंगे। ठोस तार्किक निष्कर्ष के माध्यम से कड़ियां जोड़नी होंगी, तब ही हम दुनिया को असलियत बता सकते हैं। महाराष्ट्र के विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम शुक्रवार को राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर लॉ कॉलेज में आयोजित 'जस्टा कॉजा' के उद्गाटन सत्र में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।  प्रॉक्सी वॉर किसी खास समूह द्वारा सरकार के खिलाफ छेड़ा गया युद्ध बताते हुए  निकम ने कहा कि, वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाके, 26-11 का हमला, वो हमले थे, जहां देश में युद्ध जैसे हालात थे। ऐसे मामलों में न्याय दिलाने के लिए केस के कमजोर पहलू, गवाह, सबूत और युक्तिवाद अत्याधिक महत्व रखते हैं। ऐसे मामलों से गंभीरता और सावधानी से निपटना जरूरी होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवि कुलगुरु डॉ. सिद्धार्थविनायक काणे ने की। प्रस्तावना कॉलेज के प्राचार्य डॉ. श्रीकांत कोमावार ने रखी। संचालन प्रा.मृणमयी कुकड़े और चिन्मयी निमखेड़कर ने किया। 

महिलाओं के अधिकारों के लिए है ठोस कानून

कार्यक्रम का उद्गाटन मुख्य अतिथि और पूर्व हाईकोर्ट जज वासंती नाईक ने किया। 'महिलाओं के प्रति अत्याचारों की रोकथाम' की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में नाईक ने कहा कि, नारी को पूजने की संस्कृति वाले हमारे देश में दु:खद रूप से नारियों पर कई प्रकार के आर्थिक, शारीरिक और मानसिक अत्याचार होते हैं। इसे रोकने के लिए और महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए "प्रोक्टेक्शन ऑफ वुमन फ्रॉम डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट' में ठोस प्रावधान है। यह अधिनियम केवल विवाहित ही नहीं, बल्कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण भी करता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि, यदि उनके किसी अधिकार का हनन हो रहा हो या उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा हो, तो महिलाएं बेझिझक कोर्ट का दरवाजा खटखटा का न्याय प्राप्त कर सकती हैं।

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