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जंगल हो रहे कम, बढ़ रही बाघों की संख्या, शहर की ओर रूख करने से बढ़ रही घटनाएं

जंगल हो रहे कम, बढ़ रही बाघों की संख्या, शहर की ओर रूख करने से बढ़ रही घटनाएं

डिजिटल डेस्क, नागपुर। एकतरफ जंगल क्षेत्र कम हो रहा है, तो दूसरी ओर बाघों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। सीधा असर शहरवासियों पर पड़ते दिख रहा है। अमरावती मार्ग पर बाघों के शहर की ओर आने की घटनाएं चर्चा में हैं। स्थितियां तो यही कह रही हैं। पहले बाजारगांव, फिर कोंढाली और फिर गोरेवाड़ा के आस-पास। अब वाड़ी के करीब बाघ को देखा गया है। आंकड़ों की बात करें  प्रति वर्ष बाघों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन जंगल क्षेत्र कम होते जा रहें हैं। संभवत: इस कारण बाघ जंगलों की सीमा को लांघ रहे हैं।  

जंगल की ऐसी है स्थिति
 महाराष्ट्र राज्य में कुल भौगोलिक क्षेत्र के मुकाबले वन परिक्षेत्र 16.4 प्रतिशत है और कुल वन वन-परिक्षेत्र के मात्र 17.23 प्रतिशत में ही घना जंगल है। शेष वनक्षेत्र या तो मध्यम है, या फिर खुला वन क्षेत्र है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में घना जंगल 8736 वर्ग किलोमीटर है। मध्यम घना जंगल 20,652 वर्ग किलोमीटर, तो खुला वन क्षेत्र 21,294 वर्ग किलोमीटर है। जंगलों का दायरा प्रति वर्ष कम हो रहा है। इसके विपरीत बाघों की संख्या बढ़ती जा रही है। 4 साल पहले राज्य में 190 बाघ थे। वर्तमान में 312 बाघ यहां मौजूद रहने का दावा किया गया है। बढ़ते बाघ व कम होते जंगलों के कारण बाघ जंगल क्षेत्र से शहर की ओर बढ़ रहे हैं। ताजा उदाहरण शनिवार को देखने को मिला, जब एक बाघ वाड़ी के पास सावली मार्ग पार करते रात के वक्त देखा गया। इसे देखते ही कुछ मिनटों तक गाड़ियों का काफिला सड़क पर खड़ा रहा।  

तेंदुए की भी घुसपैठ
जंगलों में अतिक्रमण के कारण कई बार वन्यजीव व इंसानों का आमना-सामना होता रहा है। यादगार घटनाओं में अप्रैल 2018 माह में हिंगना के लता मंगेशकर अस्पताल परिसर स्थित पुलिस नगर में एक व्यक्ति के घर में तेंदुआ घुस गया था। करीब 3 घंटे के रेस्क्यू के बाद उसे पकड़ने में सफलता मिल सकी थी। इसी महीने में 24 तारीख को भी हिंगना परिसर में ही एक किसान के केले के बगीचे में बाघ के घुसने से पूरे गांव में दहशत का माहौल था। सितंबर 2018 में खापा परिसर में एक 70 फीट गहरे खेत कुएं में तेंदुआ गिर गया था, जिसे निकालने में वन विभाग के पसीने छूट गये थे। 20 अक्तूबर 2018 को हैरान करनेवाली घटना सामने आई, जब बु्टीबोरी के पास एक व्यक्ति के फार्म हाउस पर बाघ पहुंच गया था। इसने बैलों पर हमला भी किया था। हालांकि वन विभाग इस बाघ की झलक तक नहीं देख पाया था।  

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