अमेरिका-ईरान समझौते से इजरायल नाराज, एलन पिंकास बोले-यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदायक

अमेरिका-ईरान समझौते से इजरायल नाराज, एलन पिंकास बोले-यह क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदायक
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते से इजरायल में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। इजरायल ने पहले भी कहा था कि अमेरिका के किसी भी डील से इजरायल बंधा हुआ नहीं है। इस बीच एक पूर्व इजरायली महावाणिज्यदूत ने गुरुवार को अमेरिकी मीडिया को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जिस 14 पॉइंट वाले समझौते पर हस्ताक्षर किया है, उससे अमेरिका और इजरायल के बीच की स्थिति और खराब हो गई है।

न्यूयॉर्क, 18 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते से इजरायल में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। इजरायल ने पहले भी कहा था कि अमेरिका के किसी भी डील से इजरायल बंधा हुआ नहीं है। इस बीच एक पूर्व इजरायली महावाणिज्यदूत ने गुरुवार को अमेरिकी मीडिया को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जिस 14 पॉइंट वाले समझौते पर हस्ताक्षर किया है, उससे अमेरिका और इजरायल के बीच की स्थिति और खराब हो गई है।

पूर्व इजरायली महावाणिज्यदूत एलन पिंकास ने गुरुवार अमेरिकी मीडिया सीएनएन से कहा, “मुझे उन 14 पॉइंट्स में से एक भी बिंदु नहीं दिख रहा है जो अमेरिका, इजरायल, बल्कि पूरे इलाके को 28 फरवरी (जब हमला शुरू हुआ था) की तुलना में बेहतर बनाते हैं।”

पिंकास ने कहा कि हमलों से पहले ईरान प्रतिबंधों के तहत अलग-थलग था, जिससे उसका तेल एक्सपोर्ट रुक गया था और उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ था, लेकिन समझौते के अनुसार, ईरान को अब तेल एक्सपोर्ट करने, प्रतिबंधित संपत्तियों तक पहुंचने और 300 बिलियन डॉलर की विनिर्माण फंडिंग मिलने की इजाजत होगी। वे बहुत ज्यादा मजबूत हो गए हैं।

नाटो के महासचिव मार्क रूट ने कहा कि वह ईरान के साथ अमेरिकी समझौते का स्वागत करते हैं। उन्होंने नाटो के रक्षा मंत्रियों की मीटिंग से पहले ब्रसेल्स में मीडिया से कहा, “मैं सच में इस डील का स्वागत करता हूं। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अच्छी डील की है। यह समझौता ईरान की परमाणु क्षमता को कम करेगा और नेविगेशन की फ्रीडम को वापस लाएगा।”

इससे पहले 15 जून को इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कॉट्ज ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद इजरायल दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगा, जिसमें हिज्बुल्लाह के खिलाफ लड़ाई खत्म करना भी शामिल है।

कॉट्ज ने एक बयान में कहा, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मैं एक स्पष्ट नीति पर चल रहे हैं, जिसके तहत आईडीएफ बिना किसी टाइम लिमिट के लेबनान, सीरिया और गाजा के सुरक्षा जोन में रहेगा, ताकि सीमा और इजरायली समुदाय को जिहादी तत्वों से बचाया जा सके।"

उन्होंने कहा कि सुरक्षा जोन से स्थानीय लोगों को हटा दिया जाएगा और जमीन के ऊपर और नीचे सभी आतंकवादी ढांचों को खत्म कर दिया जाएगा, जिसमें कॉन्टैक्ट-लाइन गांवों के घर भी शामिल हैं। यह आतंकवादियों के गुप्त ठिकानों के तौर पर काम करते थे।"

इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि सुरक्षा जोन पर कब्जा बनाए रखना युद्ध में आईडीएफ की सबसे बड़ी कामयाबियों में से एक है। इसलिए हम लेबनान से आईडीएफ की वापसी का विरोध करते हैं, भले ही दबाव मौजूदा हों और जो आगे आएंगे।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ये बातें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और दूसरे सीनियर अमेरिकी अधिकारियों को साफ कर दी थीं। मैंने भी अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को यह स्पष्ट कर दिया था। आईडीएफ भी लेबनान में सुरक्षा जोन पर कब्जा बनाए रखने का समर्थन करता है। हम इजरायल की सुरक्षा हितों और अपने नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे। हम सुरक्षा जोन से पीछे नहीं हटेंगे।"

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Created On :   18 Jun 2026 5:58 PM IST

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