अमेरिका की वजह से बातचीत का रास्ता बंद, हम पर थोपी गई जंग ईरान

अमेरिका की वजह से बातचीत का रास्ता बंद, हम पर थोपी गई जंग ईरान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दावा किया है कि अमेरिका की वजह से कूटनीतिक रास्ते बंद हुए हैं और तेहरान इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने मीडिया के समक्ष 'थोपी गई जंग', 'पड़ोसियों के साथ संबंध' और 'दूतावासों की सुरक्षा' को लेकर विचार रखे।

तेहरान, 9 मार्च (आईएएनएस)। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दावा किया है कि अमेरिका की वजह से कूटनीतिक रास्ते बंद हुए हैं और तेहरान इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने मीडिया के समक्ष 'थोपी गई जंग', 'पड़ोसियों के साथ संबंध' और 'दूतावासों की सुरक्षा' को लेकर विचार रखे।

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि जब ईरान कूटनीतिक संवाद जारी रखे हुए था, उसी दौरान उस पर हमला कर दिया गया। अब ईरान के लोग एकजुट होकर अपने देश की रक्षा कर रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के हमलों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। उनके मुताबिक इन हमलों से अंतरराष्ट्रीय नियमों और व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है।

बघाई ने इसके लिए यूरोपीय देशों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “बदकिस्मती से यूरोप के देशों ने ये हालात बनाने में मदद की है। कानून के राज पर बल देने के बजाय, अमेरिका की दादागिरी और ज्यादतियों का सामना करने के बजाय, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रतिबंध फिर से लगाने पर चर्चा के बारे में बात की और उनसे सहमत हुए। इन सभी चीजों ने मिलकर अमेरिकी और इजरायल को हिम्मत दी।”

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दावा किया कि ईरान क्षेत्र के देशों के साथ अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखना चाहता है। ईरान की यह स्पष्ट नीति है कि "पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग और दोस्ती के रिश्ते बनाए रखें। अगर किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया जाता है, तो ईरान को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। ईरान की तरफ से की गई रक्षात्मक कार्रवाई को इन देशों के खिलाफ दुश्मनी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।"

इस्माइल बघाई ने विदेशी दूतावासों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि देश में मौजूद सभी विदेशी दूतावासों और राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है। ईरान में अभी भी 100 से अधिक देशों के राजनयिक मिशन मौजूद हैं और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

बघाई ने कहा कि सरकार इन दूतावासों और उनके कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा और संरक्षण देने के लिए काम कर रही है।

इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ये जंग मजबूरी के कारण लड़ी जा रही है। इसमें ईरान की पसंद का सवाल नहीं है। बघाई ने कहा, "ईरान मजबूरी में जंग लड़ रहा है, यह उसकी पसंद नहीं है। यह जंग देश पर जबरन थोपी गई है।"

तेहरान में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब उनसे सीजफायर के लिए मध्यस्थता की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि "फिलहाल इस तरह की बात करना गलत होगा। इस समय सैन्य टकराव जारी है और ऐसे में देश की रक्षा के अलावा किसी अन्य विषय पर चर्चा करना सही नहीं है।"

वहीं, ईरान ने तुर्की, साइप्रस और अजरबैजान पर किसी भी तरह के हमले से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह इन देशों की दिशा में ईरान की जमीन से कोई हमला शुरू नहीं किया गया। ईरान पहले भी चेतावनी दे चुका है कि दुश्मन देश ऐसे हमलों का नाटक कर सकते हैं ताकि ईरान और अन्य देशों के बीच मतभेद पैदा किए जा सकें।

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Created On :   9 March 2026 4:44 PM IST

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