अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच दक्षिण कोरिया के मुख्य व्यापार वार्ताकार बर्खास्त

अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच दक्षिण कोरिया के मुख्य व्यापार वार्ताकार बर्खास्त
दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच दक्षिण कोरिया के मुख्य व्यापार वार्ताकार यो हान-कू को उनके पद से हटा दिया गया है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। यह फैसला ऐसे समय आया है जब सोल पर अमेरिका की ओर से व्यापार समझौते के तहत किए गए निवेश संबंधी वादों को तेजी से पूरा करने का दबाव बढ़ रहा है।

सोल, 15 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच दक्षिण कोरिया के मुख्य व्यापार वार्ताकार यो हान-कू को उनके पद से हटा दिया गया है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। यह फैसला ऐसे समय आया है जब सोल पर अमेरिका की ओर से व्यापार समझौते के तहत किए गए निवेश संबंधी वादों को तेजी से पूरा करने का दबाव बढ़ रहा है।

योनहाप ने बताया कि दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग एवं ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, कार्मिक प्रबंधन मंत्रालय ने यो को शुक्रवार को उनके पद से हटाए जाने की जानकारी दी। हालांकि, उनके हटाए जाने की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है।

यो हान-कू अमेरिका के साथ दक्षिण कोरिया की व्यापार वार्ताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ और सोल की निवेश प्रतिबद्धताओं से जुड़े मुद्दों पर वाशिंगटन के साथ बातचीत की थी। ऐसे में उनका अचानक हटाया जाना दोनों देशों के बीच चल रही संवेदनशील व्यापार वार्ता के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध इस समय कई मोर्चों पर दबाव में हैं। सोल से अमेरिकी प्रशासन द्विपक्षीय टैरिफ समझौते के तहत किए गए निवेश संबंधी प्रतिबद्धताओं को तेजी से आगे बढ़ाने की मांग कर रहा है।

इसके अलावा अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी कूपांग पर दक्षिण कोरिया की ओर से लगाए गए जुर्माने को लेकर भी विवाद चल रहा है। कूपांग में बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत डेटा उल्लंघन मामले में दक्षिण कोरियाई अधिकारियों की कार्रवाई ने वाशिंगटन और सोल के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

व्यापारिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ड्रोन और उनके कलपुर्जों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की। इसमें दक्षिण कोरिया से आयात होने वाले ड्रोन पर 15 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है।

दक्षिण कोरिया दुनिया की प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है तथा अमेरिका उसका महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। ऐसे में नए टैरिफ और निवेश संबंधी अमेरिकी मांगों ने सोल के सामने चुनौती बढ़ा दी है।

यो हान-कू पहले पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन के कार्यकाल में व्यापार मंत्री रह चुके हैं। मई 2025 में राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की सरकार बनने के बाद उन्हें दोबारा इस पद पर नियुक्त किया गया था।

वापसी के बाद से उन्होंने अमेरिका के साथ टैरिफ समझौते और दक्षिण कोरिया की निवेश प्रतिबद्धताओं से संबंधित बातचीत में अहम भूमिका निभाई। उनका हटाया जाना ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर कई मुद्दे अभी सुलझे नहीं हैं।

विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की जिम्मेदारी किसे सौंपता है और क्या नए वार्ताकार वाशिंगटन के साथ चल रहे टैरिफ तथा निवेश विवादों को सुलझाने में कोई नई रणनीति अपनाते हैं।

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Created On :   15 Aug 2026 4:25 PM IST

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