अर्जुन अटवाल महज 14 साल की उम्र में थामा गोल्फ का दामन, पीजीए टूर का खिताब जीतकर रचा इतिहास

अर्जुन अटवाल महज 14 साल की उम्र में थामा गोल्फ का दामन, पीजीए टूर का खिताब जीतकर रचा इतिहास
अर्जुन अटवाल। गोल्फ की दुनिया का वो खिलाड़ी, जिन्होंने इस खेल को भारत में लोकप्रिय बनाया। अर्जुन ने महज 14 साल की उम्र में गोल्फ का दामन थाम लिया था और इसके बाद उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। अर्जुन ने साल 2010 में विंडहम चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा।

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। अर्जुन अटवाल। गोल्फ की दुनिया का वो खिलाड़ी, जिन्होंने इस खेल को भारत में लोकप्रिय बनाया। अर्जुन ने महज 14 साल की उम्र में गोल्फ का दामन थाम लिया था और इसके बाद उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। अर्जुन ने साल 2010 में विंडहम चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा।

अर्जुन अटवाल का जन्म 20 मार्च 1973 को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में हुआ। अर्जुन को गोल्फ खेलना शुरुआत से ही पसंद था और उनकी इस खेल में खास रुचि थी। 14 साल की उम्र में ही अर्जुन ने गोल्फ खेलना शुरू कर दिया था और 1995 में वह प्रोफेशनल खिलाड़ी बन गए। जल्द ही अर्जुन ने अपने दमदार खेल के बूते एशियन टूर में अपनी पहचान बना ली। उन्होंने कई बड़े टूर्नामेंट जीते। अर्जुन यूरोपियन टूर जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने, जबकि 2002 में उन्होंने सिंगापुर मास्टर्स का भी खिताब अपने नाम किया।

हालांकि, अर्जुन ने सबसे बड़ी उपलब्धि साल 2010 में हासिल की। उन्होंने विंडहम चैंपियनशिप को जीतकर इतिहास रचा। वह पीजीए टूर का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। गोल्फ की दुनिया में इस खिताब को जीतना बड़ी बात माना जाता है। अर्जुन ने अपने करियर में 10 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते और लंबे समय तक टॉप गोल्फरों के बीच अपनी जगह बनाई।

अटवाल को अभ्यास के लिए अच्छी सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग आसानी से नहीं मिलती थी। उन्हें खुद मेहनत करके अपने खेल को निखारना पड़ा। कई बार उन्हें विदेश जाकर खेलने के लिए आर्थिक और व्यवस्थागत चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अर्जुन के अगर व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो उन्होंने अमेरिका में भी अपना ज्यादा समय बिताया और वहीं से अपने खेल को और निखारा। वह अपनी फिटनेस, अनुशासन और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं।

अर्जुन अटवाल की सफलता ने भारत में गोल्फ को नई पहचान दी। आज अनिर्बान लाहिड़ी और शुभंकर शर्मा जैसे खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें अटवाल की प्रेरणा साफ दिखाई देती है। अर्जुन अटवाल ने यह साबित किया कि भारतीय खिलाड़ी भी गोल्फ जैसे वैश्विक खेल में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती दे सकते हैं।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   19 March 2026 11:56 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story