दिल्ली विधानसभा ने विधायकों के लिए एआई-सक्षम चैटबॉट 'विधान साथी' का शुभारंभ किया

दिल्ली विधानसभा ने विधायकों के लिए एआई-सक्षम चैटबॉट विधान साथी का शुभारंभ किया
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को अपने विधायकों के लिए एक विशेष एआई-सक्षम चैटबॉट 'विधान साथी' का शुभारंभ किया, जिससे दिल्ली देश की पहली विधानसभा बन गई जिसने इस तरह की तकनीक-सक्षम सुविधा शुरू की है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को अपने विधायकों के लिए एक विशेष एआई-सक्षम चैटबॉट 'विधान साथी' का शुभारंभ किया, जिससे दिल्ली देश की पहली विधानसभा बन गई जिसने इस तरह की तकनीक-सक्षम सुविधा शुरू की है।

विधायकों को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि विधानसभा के सदस्यों को अक्सर सीमित समय में जटिल कानूनों और नीतिगत मुद्दों से निपटना पड़ता है। विधान साथी, जिसे एक समर्पित विधायी अनुसंधान और सहायता उपकरण के रूप में तैयार किया गया है, हमारा यह प्रयास है कि उन्हें स्पष्टता, संदर्भ और विश्वसनीय जानकारी के साथ सहायता मिले, ताकि सदन में होने वाली प्रत्येक चर्चा जानकारीपूर्ण, विचारपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण हो।

उन्होंने घोषणा की कि यह प्रणाली आगामी बजट सत्र से, जो 23 मार्च से शुरू हो रहा है, लागू की जाएगी।

गुप्ता ने कहा कि यह कदम डेटा-आधारित, प्रौद्योगिकी-सक्षम विधायी कार्यप्रणाली की ओर एक निर्णायक बदलाव का संकेत है।

चैटबॉट को विधेयकों, अधिनियमों और नीतिगत मुद्दों के डेटा-आधारित विश्लेषण और जानकारी के साथ सदस्यों की सहायता के लिए डिजाइन किया गया है।

सदस्य विधेयकों या रिपोर्टों के स्क्रीनशॉट भी अपलोड कर सकते हैं ताकि उन्हें तुरंत विश्लेषण और प्रासंगिक समझ प्राप्त हो सके, जिससे विधायी चर्चाओं में अधिक जानकारीपूर्ण और प्रभावी भागीदारी संभव हो सके।

गुप्ता ने कहा कि इसका प्राथमिक उद्देश्य केवल दस्तावेजों तक पहुंच प्रदान करना नहीं है, बल्कि सदस्यों को जटिल मुद्दों का विश्लेषण करने और सदन में सुविचारित, साक्ष्य-आधारित तर्क प्रस्तुत करने में सहायता करना है।

सदन के भीतर सुगम उपयोग के लिए डिजाइन किया गया, 'विधान साथी' प्रत्येक सदस्य की मेज पर एक समर्पित क्यूआर कोड और एक सीधे डिजिटल लिंक के माध्यम से सुलभ है, जिससे डाउनलोड या अतिरिक्त चरणों की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

गुप्ता ने कहा कि यह सुविधा विशेष रूप से विधानसभा के 70 सदस्यों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, और इसकी पहुंच सख्ती से उन्हीं तक सीमित है, जिससे एक सुरक्षित और संस्था-विशिष्ट विधायी सहायता ढांचा सुनिश्चित होता है।

विधान साथी को विशेष रूप से दिल्ली विधानसभा के कामकाज के लिए डिजाइन किया गया है। यह प्रक्रिया नियमों, पूर्व बहसों, समिति रिपोर्टों और विधायी अभिलेखों पर आधारित है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रदान की गई जानकारी प्रासंगिक और संस्थागत रूप से ठोस हो।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   19 March 2026 11:58 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story