एशियन गेम्स भारतीय महिला हॉकी टीम ने मेडल किया पक्का, साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश
काकामिगहारा, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 'एशियन गेम्स 2026' में मेडल सुनिश्चित कर लिया है। बुधवार को जापान के काकामिगहारा में खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने साउथ कोरिया को 2-0 से मात देकर गोल्ड मेडल मैच में जगह बना ली। अब खिताबी मैच में भारत का सामान चीन से होगा।
1982 के बाद से महिला हॉकी में अपना पहला एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश कर रही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपना शानदार रिकॉर्ड बनाए रखा। सलीमा टेटे की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने ज्यादातर समय बॉल पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन साउथ कोरिया के मजबूत डिफेंस के कारण उन्हें गोल करने के लिए तीसरे क्वार्टर तक इंतजार करना पड़ा।
भारत को पहले क्वार्टर में कई पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन किसी भी मौके को गोल में तब्दील नहीं किया जा सका। वे ओपन प्ले से भी गोल के करीब पहुंचे, लेकिन नवनीत कौर से मिले बेहतरीन पास के बाद लालरेम्सियामी हमारजोटे गोल नहीं कर पाईं। साउथ कोरिया ने भी दोनों तरफ से अटैक करके भारतीय डिफेंस को परखने की कोशिश की, लेकिन भारत का डिफेंस मजबूत बना रहा और पहला क्वार्टर बिना किसी गोल के खत्म हुआ।
भारत ने दूसरे क्वार्टर में भी दबाव बनाए रखा और पेनाल्टी कॉर्नर से फिर गोल के करीब पहुंचा। नवनीत ने जबरदस्त शॉट लगाया, लेकिन साउथ कोरियाई गोलकीपर ने गोल के सामने डाइव लगाकर शानदार बचाव किया। भारत के लगातार दबाव के बावजूद दक्षिण कोरिया डटा रहा और हाफ-टाइम तक स्कोर 0-0 रहा।
पाला बदलने के बाद भी भारत ने बॉल पर कब्जा बनाए रखा। मिडफील्ड से धैर्यपूर्वक अटैक किए और दोनों तरफ से मौके तलाशता रहा। हालांकि, साउथ कोरिया का डिफेंस भारतीय फॉरवर्ड्स को परेशान करता रहा। आखिरकार 44वें मिनट में सफलता मिली, जब इशिका ने शानदार फिनिश के साथ गोल किया और तीसरे क्वार्टर के अंत में भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।
इसके बाद भारत ने आखिरी क्वार्टर की शुरुआत में अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया, जिसकी शुरुआत कप्तान सलीमा टेटे के एक बेहतरीन मूव से हुई थी। कप्तान ने दाईं ओर से गेंद को शूटिंग सर्कल में पहुंचाया और बेसलाइन से उसे पीछे की ओर मोड़ा। गेंद कोरियाई डिफेंडर की स्टिक से टकराकर दिशा बदलकर नेट में चली गई।
साउथ कोरिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारत ने संयम बनाए रखा और दबाव बनाना जारी रखा। कोरियाई खिलाड़ियों ने दृढ़ता के साथ भारत के एक और पेनाल्टी कॉर्नर का बचाव किया, जिससे स्कोर 2-0 पर ही बना रहा।
इस नतीजे ने एशियन गेम्स में महिलाओं की हॉकी में दूसरा स्वर्ण पदक जीतने के भारत के 44 साल के इंतजार को खत्म करने की उम्मीद को जिंदा रखा है। भारत पूल चरण में उज्बेकिस्तान को 19-0, इंडोनेशिया को 17-1 और थाईलैंड को 20-1 से हराने के साथ-साथ मेजबान जापान को 3-1 और सिंगापुर को 7-0 से मात देकर बिना कोई मैच हारे सेमीफाइनल में पहुंचा था।
पूल-ए में दूसरे स्थान पर रही दक्षिण कोरियाई टीम ने बुधवार के सेमीफाइनल से पहले अपने पांच में से चार मैच जीते थे; उन्हें एकमात्र हार चीन के खिलाफ मिली थी। अब भारतीय टीम शुक्रवार को फाइनल में चीन का सामना करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान को सफल बनाने की कोशिश करेगी।
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Created On :   30 Sept 2026 6:13 PM IST












