भारत और ऑस्ट्रेलिया की आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता, सेनाओं के बीच बढ़ेगा समन्वय
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भारत दौरे पर आए ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने यहां सामरिक और समकालीन सुरक्षा मुद्दों पर भारत के साथ वार्ता की है। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा के लिए सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज का भी दौरा किया। यहां प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों और उनसे जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।
दरअसल, नई दिल्ली में भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाओं के बीच यह 13वीं आर्मी टू आर्मी स्टाफ वार्ता थी। वार्ता का आयोजन 28 सितंबर से शुरू हुआ और 30 सितंबर तक यह बातचीत चली। वार्ता में दोनों देशों की सेनाओं के बीच मजबूत साझेदारी और आपसी विश्वास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सेना के मुताबिक तीन दिनों तक चली इस वार्ता में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, साझा हित वाले क्षेत्रों में दोनों सेनाओं के बीच सहयोग का दायरा और स्तर बढ़ाने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। वार्ता के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य में संपर्क और सैन्य भागीदारी को और व्यापक बनाने पर चर्चा हुई। इससे भारत और ऑस्ट्रेलिया की सेनाओं के बीच आपसी समझ तथा साथ मिलकर काम करने की क्षमता को और मजबूत करने का रास्ता तैयार होगा।
दरअसल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग लगातार व्यापक हो रहा है। सेना-सेना स्टाफ वार्ता इसी बढ़ती साझेदारी का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां दोनों देशों की सेनाएं साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करती हैं और भविष्य के सहयोग की दिशा तय करती हैं। गौरतलब है कि इसी महीने भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की थी। उन्होंने कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स एडमिरल मार्क हैमंड से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम बातचीत हुई थी।
दोनों प्रमुख सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी को और गहराई देने पर विचार हुआ। खास तौर पर समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप के अमल को आगे बढ़ाने वार्ता की गई। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान समुद्री क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को और मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक समझ को केवल बातचीत तक सीमित न रखते हुए उसे जमीन पर ठोस परिणामों में बदला जाए। वहीं ऑस्ट्रेलिया की वायु सेना भारत में हो रहे तरंग शक्ति बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में हिस्सा ले रही है। ऐसे में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई यह वार्ता काफी महत्वपूर्ण है।
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Created On :   30 Sept 2026 6:12 PM IST












