अविनाश शुक्ला पहले बेचता था पानी की बोतल, फिर मिली राम मंदिर में पैसे गिनने की नौकरी सेवादार सुंदरलाल
अयोध्या, 1 जुलाई (आईएएनएस)। अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच तेज हो गई है। इस मामले में पुलिस ने अविनाश शुक्ला नामक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर मंदिर ट्रस्ट से जुड़े धन के दुरुपयोग और गबन के गंभीर आरोप लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, अविनाश शुक्ला अयोध्या के कौशलपुरी फेज-2 इलाके में एक योग केंद्र से जुड़ा हुआ था, जहां वह कुछ समय से रह रहा था। यह योग केंद्र पिछले दो दशकों से अधिक समय से चल रहा है और यहां योगाचार्य सीमा तिवारी के अनुसार कई छात्र और जरूरतमंद लोग रहते और सीखते रहे हैं। इसी केंद्र से अविनाश का संपर्क उसके भाई अभिषेक शुक्ला के माध्यम से हुआ था।
योगाचार्य सीमा तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि अभिषेक लगभग दस साल पहले आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में इस केंद्र में आया था। उसे गुरुजी ने न केवल शिक्षा दी बल्कि रहने और खाने की भी व्यवस्था की। इसके बाद में अभिषेक को नौकरी मिली और वह स्थिर हो गया। इसी दौरान उसने अपने छोटे भाई अविनाश को भी यहां बुला लिया था। करीब डेढ़ साल पहले अविनाश को राम मंदिर में नौकरी मिलने की जानकारी सामने आई है।
घटना के संबंध में यह भी बताया गया कि 5 जून को पुलिस ने योग केंद्र और संबंधित स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान परिसर की तलाशी ली गई और अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले जाया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के किराए के घर से 20 लाख रुपए से अधिक नकद बरामद किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
सीमा तिवारी ने बताया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से मिली। उन्हें अविनाश के कथित गबन में शामिल होने की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में 5 जून की घटना कैद हुई थी, जिससे बाद में स्थिति स्पष्ट हुई है।
इसी बीच सेवादार सुंदरलाल ने भी बताया कि अभिषेक पहले पढ़ाई और प्रशिक्षण के उद्देश्य से इस केंद्र से जुड़ा था और बाद में उसे प्राथमिक शिक्षक की नौकरी मिली थी। इसके बाद उसने अपने भाई को भी यहां लाया, जो पहले मंदिर के पास पानी की बोतल बेचने की दुकान चलाता था और छोटे-मोटे काम करता था। बाद में अविनाश को एक मंदिर ट्रस्ट में पैसे गिनने का काम मिलने की बात कही जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच जारी है और वित्तीय लेन-देन, नौकरी से जुड़े रिकॉर्ड तथा सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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Created On :   1 July 2026 1:51 PM IST












