बागेश्वर धाम से निकली सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बागेश्वर धाम से निकली सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम से सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा शुरू हो गई है। इस यात्रा की सुरक्षा के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि पांच दिन की इस यात्रा के लिए 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और बम निरोधक दस्ते भी लगाए गए हैं।

छतरपुर, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम से सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा शुरू हो गई है। इस यात्रा की सुरक्षा के लिए पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि पांच दिन की इस यात्रा के लिए 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और बम निरोधक दस्ते भी लगाए गए हैं।

एसपी रजत सकलेचा ने आईएएनएस से कहा, "इस यात्रा में हजारों की संख्या में लोग रहेंगे और स्थानीय स्तर पर भी लोग जुड़ेंगे। बीच-बीच में छोटे-छोटे कार्यक्रम भी होंगे। जैसे 11 अक्टूबर को दो कार्यक्रम हैं और 15 अक्टूबर को यात्रा का समापन होगा। इसको देखते हुए पूरे क्षेत्र को सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं जिससे यात्रा सुगम बनी रहे।"

बता दें कि सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 का नेतृत्व बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कर रहे हैं। यह 500 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा है जो 11 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।

इस रथ यात्रा में दो मुख्य रथ शामिल हैं। एक रथ में बालाजी महाराज हैं और दूसरा शास्त्री जी के लिए एक विशेष वैनिटी वैन है। इसके साथ करीब 300 गाड़ियां भी चल रही हैं।

यात्रा बागेश्वर धाम छतरपुर, मध्य प्रदेश से शुरू हुई है और बुंदेलखंड क्षेत्र के पांच जिलों से होकर गुजरेगी। यह छतरपुर, पन्ना, दमोह, सागर और टीकमगढ़ से होते हुए 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में समाप्त होगी।

यात्रा के दौरान हर 20 किलोमीटर पर श्रद्धालुओं को सात विशेष संकल्प दिलाए जा रहे हैं। ये संकल्प सामाजिक समरसता, एकता और जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने पर केंद्रित हैं।

सनातन हिंदू एकता यात्रा 3.0 के लिए सात संकल्प लिए गए हैं। पहला संकल्प भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने का है। दूसरा संकल्प जातिवाद और छुआछूत को खत्म करने का है। तीसरा संकल्प गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का है। चौथा संकल्प अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद जैसी घटनाओं को रोकने का है। पांचवा संकल्प हिंदुओं के प्रमुख तीर्थ स्थलों को मुक्त कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का है। छठा संकल्प आने वाली पीढ़ी को सनातन धर्म के मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का है। और सातवां संकल्प सभी हिंदुओं को एकजुट करने और हिंदू एकता को बढ़ावा देने का है।

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Created On :   11 Oct 2026 1:26 PM IST

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