बैंक धोखाधड़ी केस सीबीआई का एक्शन, पश्चिम बंगाल में छापेमारी

बैंक धोखाधड़ी केस सीबीआई का एक्शन, पश्चिम बंगाल में छापेमारी
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बैंक धोखाधड़ी मामले में 8 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी टंटिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, ब्रह्म अलॉयज लिमिटेड और अमृत फीड्स लिमिटेड के खिलाफ दर्ज 3 अलग-अलग मामलों के सिलसिले में की गई।

कोलकाता, 18 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बैंक धोखाधड़ी मामले में 8 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी टंटिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, ब्रह्म अलॉयज लिमिटेड और अमृत फीड्स लिमिटेड के खिलाफ दर्ज 3 अलग-अलग मामलों के सिलसिले में की गई।

टंटिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मामले में कंपनी के डायरेक्टरों के घरों पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए और जांच जारी है। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 73 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जो बैंक से ली गई कैश क्रेडिट और टर्म लोन सुविधाओं से संबंधित है।

आरोपियों ने बैंक से मिले फंड को गलत तरीके से दूसरी जगहों पर लगाया, जैसे कि अपनी सब्सिडियरी/एसोसिएट कंपनियों की लंबी अवधि की पूंजी की जरूरतों को पूरा करना और नॉन-स्टैंडर्ड अकाउंट्स के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन करना।

ब्रह्म अलॉयज लिमिटेड के मामले में सीबीआई ने कंपनी के डायरेक्टरों के घरों पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 58 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जो बैंक से ली गई कैश क्रेडिट सुविधा से संबंधित है।

आरोपियों ने फंड को दूसरी जगहों पर लगाया, जैसे कि अपनी ग्रुप कंपनियों की इक्विटी में निवेश करना, दूसरे बैंकों में करंट अकाउंट रखना, अकाउंट की किताबों में हेर-फेर करना आदि।

अमृत फीड्स लिमिटेड के मामले में सीबीआई ने कंपनी के डायरेक्टरों के घरों पर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जो बैंक से ली गई कैश क्रेडिट और टर्म लोन सुविधाओं से संबंधित है।

आरोपियों ने बिजनेस चलाने के लिए बैंक से मिले फंड का गलत इस्तेमाल किया और उसे दूसरी जगहों पर लगाया। उन्होंने बेईमानी से जनता के पैसे का इस्तेमाल अपने निजी फायदे के लिए किया और कंपनी के फंड को अपनी एसोसिएट और सिस्टर कंपनियों के फायदे के लिए दूसरी जगहों पर लगाया।

कंपनी ने लेंडर्स (कर्ज देने वालों) की मंजूरी के बिना अपनी ठोस संपत्ति बेच दी। इन तीन मामलों में पीएनबी को हुए नुकसान की कुल रकम 191 करोड़ रुपए है। वहीं, सीबीआई की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।

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Created On :   18 Jun 2026 8:21 PM IST

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