भारत में जब जाति व्यवस्था, तब तक आरक्षण को बरकरार रखना जरूरी रामदास आठवले

भारत में जब जाति व्यवस्था, तब तक आरक्षण को बरकरार रखना जरूरी  रामदास आठवले
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि देश में जब तक जाति व्यवस्था और उससे जुड़ा भेदभाव कायम है, तब तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था बरकरार रखना जरूरी है। आरक्षण सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जुड़ा मुद्दा है। जब तक जाति व्यवस्था अस्तित्व में है, तब तक आरक्षण व्यवस्था का बना रहना जरूरी है।

रांची, 4 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि देश में जब तक जाति व्यवस्था और उससे जुड़ा भेदभाव कायम है, तब तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था बरकरार रखना जरूरी है। आरक्षण सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व से जुड़ा मुद्दा है। जब तक जाति व्यवस्था अस्तित्व में है, तब तक आरक्षण व्यवस्था का बना रहना जरूरी है।

शुक्रवार को रांची में राजकीय अतिथिशाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आठवले ने कहा कि आरक्षण की जो मौजूदा व्यवस्था है, उसमें विभिन्न जातियों की वास्तविक आबादी के आंकड़ों के आधार पर समीक्षा कर उन्हें वाजिब हिस्सेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने जातिगत जनगणना को इस लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। आठवले ने कहा कि जातियों की वास्तविक संख्या का आंकड़ा सामने आने से नीति निर्माण और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर बेहतर निर्णय लिया जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के मुद्दे पर कहा कि अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से समझने की जरूरत है। यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान हो और परीक्षा में सफल होकर नियुक्ति पा चुके उम्मीदवारों के साथ भी अन्याय न हो।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस विवाद का स्थायी समाधान ऐसी भर्ती नीति से संभव है, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और भविष्य की नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट नियम हों। नई नीति में पुराने अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के साथ अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार के अवसर देने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

आठवले ने झारखंड के औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां खनन गतिविधियां बड़े स्तर पर होती हैं। इसके बावजूद राज्य में औद्योगिक विकास को और गति देने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार से केंद्र के सहयोग से नए उद्योग स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम करने को कहा।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत केंद्र की विभिन्न विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से झारखंड में बुनियादी ढांचे के विकास पर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र की योजनाओं का लाभ राज्य की जनता तक पहुंच रहा है। सामाजिक सद्भाव के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि देश में सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए।

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Created On :   4 Sept 2026 2:26 PM IST

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